ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने 119 हेड मास्टरों को किया पटना तलब, सामने आई यह बड़ी वजह Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने 119 हेड मास्टरों को किया पटना तलब, सामने आई यह बड़ी वजह NEET student death : पलटीमार पटना पुलिस ? पहले निजी डाक्टर के बयान पर अड़ी रही, जब 'सुशासन' की भद्द पिटी तब जाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की याद आई... NEET student death : पलटीमार पटना पुलिस ? पहले निजी डाक्टर के बयान पर अड़ी रही, जब 'सुशासन' की भद्द पिटी तब जाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की याद आई... DMK MP Controversy: तमिलनाडु के सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ बिहार की कोर्ट में मुकदमा, क्या है मामला? Bihar Expressway : मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर बिहार में बनेंगे 5 नए एक्सप्रेस-वे, मिलेगी 100 Km/h स्पीड लेकिन खर्च करने होंगे अधिक पैसे Patna Metro: पटना मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड स्टेशन की खुदाई शुरू; ट्रेन से उतरते ही मिलेगी सुविधा Patna Metro: पटना मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड स्टेशन की खुदाई शुरू; ट्रेन से उतरते ही मिलेगी सुविधा बिहार में मानवता हुई शर्मसार: छात्र को टक्कर मारने के बाद पलटा तेज रफ्तार पिकअप वैन, लाश के पास मछली लूटती रही भीड़ Bihar School News : 1 फरवरी से बिहार के सरकारी स्कूलों में बंद हो जाएगा यह काम, शिक्षा विभाग का आदेश जारी

Bihar Assembly : विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद समीक्षा बैठक करने में जुटे तेजस्वी, सांसद-विधायक को आवास पर बुलाया; जानिए खरमास बाद क्या मिलेगा टास्क

बिहार विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर सिमटने के बाद तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई है। बैठक में आगामी बजट सत्र और चुनाव हार की समीक्षा की जाएगी।

Bihar Assembly : विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद समीक्षा बैठक करने में जुटे तेजस्वी, सांसद-विधायक को आवास पर बुलाया; जानिए खरमास बाद क्या मिलेगा टास्क

16-Jan-2026 12:05 PM

By First Bihar

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को महज 25 सीटों पर संतोष करना पड़ा। इसके बाद राजद के राष्ट्रीय नेता तेजस्वी यादव लगभग 40 दिनों तक बिहार से बाहर रहे। हाल ही में राज्य लौटने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 100 दिनों तक वे सरकार और उसके निर्णयों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक इसे उनके रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं, जिससे वे पार्टी संगठन और विधायकों पर फोकस कर सकें।


तेजस्वी यादव की वापसी के बाद आज, यानि शुक्रवार को, उन्होंने अपने विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विधान सभा सत्र 2026 और पिछले विधानसभा चुनाव 2025 की हार की समीक्षा करना है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि विधायकों द्वारा सत्र में किन मुद्दों को उठाया जाए और विपक्ष के रूप में पार्टी की भूमिका को कैसे मजबूत किया जाए।


बिहार विधान सभा का बजट सत्र 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है, जबकि 3 फरवरी को सरकार अपना बजट पेश करेगी। ऐसे में पार्टी के लिए यह जरूरी है कि वे पहले से तैयारी करके सत्र में प्रभावी ढंग से अपनी स्थिति पेश करें। बैठक में विधायकों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे सत्र में कौन से सवाल पूछें और किन मुद्दों पर सरकार पर दबाव डालें।


इस बैठक में सिर्फ विधायकों को ही नहीं, बल्कि कुछ सांसदों को भी बुलाया गया है। उनका फीडबैक लिया जाएगा, ताकि पार्टी की रणनीति राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर सटीक और प्रभावी हो। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम तेजस्वी यादव की नेतृत्व शैली को दर्शाता है, जिसमें वे अपने टीम के विचारों और अनुभवों को अहमियत देते हैं।


बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा विधान सभा चुनाव की हार का विश्लेषण है। इसमें चुनाव में हुई कमजोरियों, रणनीतिक चूक और आगामी चुनावों में सुधार के उपायों पर चर्चा होगी। इससे पार्टी को अपने संगठनात्मक ढांचे और चुनाव रणनीति को सुधारने में मदद मिलेगी।


विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक तेजस्वी यादव की राजनीतिक सक्रियता की शुरुआत भी हो सकती है। पिछले कुछ समय से वे निजी तौर पर पार्टी संगठन के भीतर बदलाव और मजबूती पर काम कर रहे थे। अब विधायकों और सांसदों के फीडबैक के आधार पर पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी।


यह बैठक न केवल विधान सभा सत्र की तैयारी करेगी, बल्कि यह राजद के भविष्य की दिशा और संगठनात्मक मजबूती का भी संकेत देगी। आगामी 100 दिनों तक तेजस्वी यादव सरकारी मुद्दों पर नहीं बोलेंगे, लेकिन इस बैठक के जरिए वे अपनी पार्टी को प्रभावी और संगठित रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।


राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार की राजनीतिक परिदृश्य में राजद किस तरह की भूमिका निभाएगी और अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पार्टी कितनी मजबूत है। यही वजह है कि तेजस्वी यादव की यह रणनीतिक बैठक पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।