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19-Jan-2026 08:21 AM
By First Bihar
Tamil Nadu government : तमिलनाडु सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य सरकार ने खांसी के सिरप ‘आलमंड किट’ के निर्माण, बिक्री, वितरण और सेवन पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय औषधि नियंत्रण निदेशालय (Drug Control Directorate) की लैब जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया है, जिसमें इस सिरप में जहरीला रसायन एथिलीन ग्लाइकोल पाए जाने की पुष्टि हुई है।
औषधि नियंत्रण निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, यह खांसी का सिरप बिहार में निर्मित किया गया था और तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में इसकी आपूर्ति की जा रही थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि सिरप में मौजूद एथिलीन ग्लाइकोल मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस रसायन के सेवन से किडनी फेलियर, दिमाग और फेफड़ों को गंभीर नुकसान, तथा कई मामलों में मौत तक हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए इस दवा पर तुरंत रोक लगा दी है।
निदेशालय ने राज्यभर की सभी मेडिकल दुकानों, थोक वितरकों, अस्पतालों, क्लीनिकों और फार्मेसियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस सिरप को तुरंत अपनी अलमारियों और स्टॉक से हटाएं। साथ ही, जिन संस्थानों या व्यक्तियों ने इस सिरप की खरीद, आपूर्ति या बिक्री की है, उन्हें बिना किसी देरी के औषधि नियंत्रण विभाग को इसकी पूरी जानकारी देने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली दवाओं के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। विभाग ने यह भी बताया कि राज्यभर में दवा दुकानों और अस्पतालों में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है। निरीक्षण टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित और औचक जांच करें, ताकि प्रतिबंधित सिरप पूरी तरह से बाजार से हटाया जा सके।
सरकार ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति के पास यह सिरप मौजूद है या किसी ने इसका सेवन किया है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो रही है, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी इस सिरप से जुड़े संभावित लक्षणों को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
औषधि नियंत्रण निदेशालय ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई मेडिकल स्टोर, अस्पताल या व्यक्ति इस सिरप की बिक्री या वितरण करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने, भारी जुर्माना लगाने और जरूरत पड़ने पर आपराधिक मामला दर्ज करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
तमिलनाडु सरकार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर लोगों की जान से समझौता नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अन्य राज्यों के औषधि नियंत्रण विभागों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि इस खतरनाक सिरप की सप्लाई चेन को पूरी तरह रोका जा सके।
सरकार के इस त्वरित और सख्त कदम को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सही दिशा में उठाया गया फैसला बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई न की जाती, तो यह सिरप कई लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता था। अब प्रशासन की चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिबंधित दवा पूरी तरह से बाजार से हटे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।