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03-Jan-2026 11:39 AM
By First Bihar
Electricity Department Bihar : सासाराम से एक गंभीर खबर सामने आई है, जहां शिवसागर थाना क्षेत्र के जिगना गांव में निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर हमला कर दिया। इस घटना में बिजली विभाग के कनीय अभियंता विजय शंकर और लाइनमैन जितेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की एक टीम नियमित जांच के तहत शिवसागर थाना क्षेत्र के जिगना गांव पहुंची थी। टीम का उद्देश्य गांव में संचालित एक आटा चक्की की जांच करना था। बताया जाता है कि बिजली विभाग को आटा चक्की में अनियमितता और अवैध बिजली उपयोग की शिकायत मिली थी, जिसके बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान ही कुछ ग्रामीणों के साथ बिजली विभाग की टीम की कहासुनी हो गई। पहले मामूली तू-तू मैं-मैं हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से बिजली विभाग के कर्मियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कनीय अभियंता विजय शंकर और लाइनमैन जितेंद्र कुमार को गंभीर चोटें आईं।
हमले के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि जान बचाने के लिए दोनों घायल कर्मी मौके से भागकर बाहर निकले और किसी तरह सासाराम सदर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दोनों के शरीर पर चोट के कई निशान हैं, हालांकि फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और आवश्यक जांचें की जा रही हैं।
घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी सदर अस्पताल पहुंचे। विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मियों पर इस तरह का हमला न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती है, बल्कि इससे विभागीय कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होती है। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले की जानकारी शिवसागर थाना पुलिस को भी दे दी गई है। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि घायल कर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आटा चक्की की जांच को लेकर पहले से ही गांव में असंतोष था। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हो सकता है, जबकि विभाग का कहना है कि अवैध बिजली उपयोग पर कार्रवाई करना उनका कर्तव्य है। हालांकि, हिंसा का रास्ता किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों पर हमले की खबरें सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न करे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। वहीं, बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे अपने कर्मियों की सुरक्षा को लेकर उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और आगे की कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जाएगी।