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11-Feb-2026 02:40 PM
By First Bihar
RAILWAY UPDATES: भारतीय रेलवे आने वाले समय में वंदे भारत ट्रेनों का बड़ा नेटवर्क तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। रेलवे की योजना है कि देशभर में चरणबद्ध तरीके से 800 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएं। तेज रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं से लैस इन ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अब तकनीकी स्तर पर भी विशेष तैयारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में IIT पटना में रेलवे इंजीनियरों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है।
रेलवे और IIT पटना के सहयोग से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम में 25 रेलवे इंजीनियरों को हाई-स्पीड रेल से जुड़ी तकनीकों, सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था की गहन जानकारी दी जा रही है। इसका मकसद यह है कि भविष्य में जब बड़ी संख्या में वंदे भारत और अन्य तेज रफ्तार ट्रेनें चलें, तो उनकी सुरक्षा और विश्वसनीयता में किसी तरह की कमी न रहे।
यह ट्रेनिंग खास तौर पर हाई-स्पीड ट्रेनों के सुरक्षित संचालन पर केंद्रित है। इंजीनियरों को ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिकल नेटवर्क, कंट्रोल सिस्टम और आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
रेल मंत्रालय का मानना है कि आने वाले वर्षों में देश में तेज रफ्तार ट्रेनों का नेटवर्क तेजी से बढ़ेगा। वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार के साथ-साथ बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी काम चल रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित और दक्ष इंजीनियरों की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। IIT पटना जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान के साथ मिलकर यह पहल रेलवे की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से इंजीनियर न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनेंगे, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों को भी समझ सकेंगे। इससे ट्रेन संचालन के दौरान संभावित जोखिमों को पहले से पहचानने और उन्हें कम करने में मदद मिलेगी। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे अपने सिस्टम को लगातार अपग्रेड कर रही है।
कुल मिलाकर, 800 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की तैयारी के साथ भारतीय रेलवे तकनीकी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। IIT पटना में दी जा रही यह विशेष ट्रेनिंग भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को सुरक्षित और सफल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।