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26-Apr-2025 08:51 AM
By First Bihar
Rajeev Nagar Police suspended: बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर थाना में पुलिसिया कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। वर्ष 2022 में दर्ज एक मामले में बिना किसी साक्ष्य के आरोप-पत्र समर्पित करने, गलत तरीके से जप्ती सूची बनाने और अनुसंधान में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला
आवेदक विनोद कुमार सिंह, निवासी राजीव नगर, पटना ने पुलिस महानिदेशक, बिहार को एक आवेदन समर्पित किया था। जांच के क्रम में सामने आया कि वर्ष 2022 में दर्ज राजीव नगर थाना कांड संख्या 613/22 के तहत संदेह के आधार पर 3 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उनसे एक मोटरसाइकिल एवं दो मोबाइल जप्त किए गए। इसके बाद आवेदक की दुकान पर छापेमारी कर उनके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि बिना किसी जप्ती सूची के भारी संख्या में मोबाइल जब्त कर लिए गए। इनमें से 5 कीमती मोबाइल अवैध तरीके से रखे गए और सिर्फ 3 मोबाइल की जप्ती सूची बनाई गई। शेष मोबाइल बाद में आवेदक को लौटा दिए गए।
अनुसंधान में भारी खामियां
चोरी के संदेह में जब्त किए गए मोबाइल और मोटरसाइकिल की जांच ही नहीं की गई। इतना ही नहीं, जिन मोबाइल को जप्त किया गया था, वे भी चोरी के नहीं थे। बावजूद इसके, आवेदक के पुत्र सहित सभी आरोपितों के विरुद्ध बिना किसी ठोस सबूत के आरोप पत्र अदालत में समर्पित कर दिया गया।
कार्रवाई की सूची
राज्य पुलिस मुख्यालय ने इस गंभीर लापरवाही को कानूनविरोधी मानते हुए जिन अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
गौतम कुमार (तत्कालीन अंचल निरीक्षक)
नीरज कुमार (तत्कालीन थानाध्यक्ष)
पु०अ०नि० शंभु शंकर सिंह (वादी)
पु०अ०नि० श्याम नारायण सिंह (अनुसंधानकर्ता)
सिपाही अनिल कुमार (सी/5898)
सिपाही ब्रज किशोर प्रसाद (सी/5615)
सिपाही हरिशचंद्र सिंह (सी/6452)
सिपाही प्रभाश कुमार पासवान (सी/7996)
सिपाही ओमप्रकाश (सी/7234)
चालक बालकिशोर यादव (सी/87)
इन सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बिहार पुलिस विभाग की यह कार्रवाई दर्शाती है कि लापरवाही और कानूनविरोधी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की सख्ती से जनता का विश्वास भी कायम रहेगा और पुलिसिंग में पारदर्शिता आए