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mother-son death : पटना में मां-बेटे की दर्दनाक मौत, नशे की लत बनी परिवार की त्रासदी की वजह

पटना के दमरिया में नशे की लत से उपजे पारिवारिक तनाव ने मां और बेटे की जिंदगी छीन ली। बेटे ने फांसी लगाई, मां हार्ट अटैक से हुई मृत।

03-Jan-2026 12:59 PM

By First Bihar

mother-son death : पटना के गर्दनीबाग थाना इलाके के दमरिया मोहल्ले में शुक्रवार देर रात एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस घटना में एक ही घर से मां और बेटे दोनों की जान चली गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, और उसे फंदे से झूलता देख उसकी मां भी हार्ट अटैक से वहीं दम तोड़ बैठी। यह हादसा नशे की लत से उपजे पारिवारिक तनाव का एक भयानक उदाहरण बन गया है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, इस परिवार का बड़ा बेटा मोहम्मद वाजिद लंबे समय से मानसिक दबाव और घर की बिगड़ती स्थिति से जूझ रहा था। छोटू मियां, जो दमरिया मोहल्ले के निवासी हैं, पटना के एक होटल में कुक का काम करते हैं। उनका छोटा बेटा लंबे समय से नशे का आदी था और ड्रग्स, चरस समेत अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करता था। इस कारण घर में आए दिन तनाव और कलह का माहौल बना रहता था। मोहम्मद वाजिद अपने छोटे भाई की इस आदत और घर की बिगड़ती स्थिति को लेकर लंबे समय से परेशान था और तनाव में था।


शुक्रवार की देर रात इसी मानसिक दबाव और निराशा में आकर मोहम्मद वाजिद ने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना के समय उसकी मां पास आईं और बेटे को फंदे पर झूलते देख बदहवास हो गईं। वह बेटे के शव से लिपटकर रोने लगीं और इसी दौरान उन्हें तेज हार्ट अटैक आया। मोहम्मद वाजिद के पैरों के पास ही उनकी मां ने दम तोड़ दिया। यह दृश्य आसपास के लोगों के लिए बेहद भयावह और सदमे भरा था।


घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले में कोहराम मच गया। लोग अफरा-तफरी में घर के पास एकत्र हो गए और आनन-फानन में मां और बेटे को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर सुनते ही छोटू मियां का हाल भी बुरा हो गया। वह रो-रोकर बेहाल हो गए और उनके परिवार में मातम छा गया।


स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि नशे की लत इस दर्दनाक हादसे की सबसे बड़ी वजह थी। मोहल्ले में इस घटना के बाद मातम का माहौल है। लोग यह मान रहे हैं कि यदि समय रहते परिवार या समाज ने हस्तक्षेप किया होता तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना टाली जा सकती थी।


पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी है। गर्दनीबाग थाना पुलिस ने现场 का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों व पड़ोसियों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि मानसिक तनाव और नशे की लत ने इस परिवार के लिए त्रासदी का रास्ता खोला। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की तहकीकात जारी है।


विशेषज्ञों के अनुसार, नशे की लत सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इस प्रकार की घटनाओं से यह साफ झलकता है कि समाज और परिवार को समय रहते चेतावनी देना और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना आवश्यक है। दमरिया की यह घटना एक बार फिर नशे के दुष्प्रभावों और इससे उजड़ते परिवारों की भयावह तस्वीर को सामने लाती है।


मोहल्ले के लोग भी यह कहना नहीं भूल रहे कि अगर नशे की आदत को रोकने और मानसिक तनाव से जूझ रहे युवाओं की मदद की जाए तो ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। समाज और परिवार के स्तर पर जागरूकता फैलाना और युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देना अति आवश्यक है।


पटना के दमरिया मोहल्ले में यह हादसा न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी की तरह है। यह घटना दिखाती है कि कैसे नशे और मानसिक तनाव मिलकर परिवार के जीवन को तहस-नहस कर सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि समाज को नशे की समस्या और मानसिक स्वास्थ्य की ओर गंभीरता से ध्यान देना होगा, ताकि और परिवार इस प्रकार के अनहोनी से बच सके।