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NEET student : NEET छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस : अब पुलिस रिश्ता कर रही कलंकित ! परिवार ने पुलिस पर लगाया खुल्लम-खुल्ला आरोप

NEET छात्रा रेप-मौत केस में अब POCSO एक्ट लागू होने की संभावना, परिवार ने पुलिस जांच पर उठाए गंभीर सवाल। DNA रिपोर्ट से खुल सकता है सच, परिजन न्याय की मांग में अडिग।

NEET student : NEET छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस : अब पुलिस रिश्ता कर रही कलंकित ! परिवार ने पुलिस पर लगाया खुल्लम-खुल्ला आरोप

27-Jan-2026 03:00 PM

By First Bihar

NEET student : NEET की छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और मौत मामले में अब पॉक्सो एक्ट की धारा भी लागू होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार परिवार ने जो उम्र से संबंधित प्रमाण पत्र दिया है, उसके अनुसार लड़की नाबालिग थी। इसी बीच लड़की के अंडरगारमेंट में मिले स्पर्म के बाद DNA जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। SIT और मेडिकल टीम ने पीड़िता के परिजनों के भी DNA सैंपल लिए हैं।


इस पूरे घटनाक्रम में परिवार ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सख्त सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि प्रशासन की कार्यप्रणाली ने उन्हें हैरान और आहत किया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से पक्षपात और लिपौती में है।


परिजनों ने बताया कि आज DNA जांच के लिए सैंपल लेने के दौरान दो लड़के मदद के लिए आए थे, जिन्हें महज पांच मिनट के लिए रोका गया। इनका भी निजी अस्पताल प्रभात मेमोरियल में सैंपल लिया गया। परिजनों का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया देखकर अब कोई भी मदद के लिए आगे आने से डरता है। प्रशासन का रवैया देखकर लोग शर्मसार हो रहे हैं।


परिजनों ने यह भी बताया कि रात में 12 बजे प्रशासन की टीम उनके घर पहुंची और कहा कि DNA सैंपल दें। उन्होंने पूछा कि सैंपल किस वजह से लिया जा रहा है, तो टीम ने जवाब दिया कि यह केवल एक औपचारिकता है। साथ ही यह भी नहीं बताया गया कि DNA टेस्ट करवाया जाएगा। परिजन यह भी कह रहे हैं कि पुलिस प्रशासन को परिवारिक रिश्तों की समझ ही नहीं है—“क्या मामा-भांजी का रिश्ता होता है, क्या बहन-भाई का रिश्ता होता है।”


परिवार ने यह आरोप भी लगाया कि शुरुआत से ही प्रशासन ने मामले को उलट-पुलट कर रखा है। पहले यह कहा जा रहा था कि लड़की ने आत्महत्या की, फिर अचानक मामला दुष्कर्म कैसे बन गया? परिजन के अनुसार जब उन्होंने लड़की के शरीर पर बने घावों का स्केच दिखाया तो पुलिस ने कहा कि “यूँ ही हो गया है।”


परिवार का सवाल है कि अगर लड़की के साथ कुछ भी हुआ है तो वह घर पर हुआ होगा, तो फिर लड़की घर पर क्यों नहीं मर गई? अगर घर पर सब कुछ हुआ है तो फिर लड़की बाहर क्यों आई? इस तरह के कई सवालों के जवाब पुलिस प्रशासन देने में विफल रहा है। परिजन का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह लिपोटी में लगा हुआ है।


परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि वे समय तक लड़ते रहेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। परिजनों ने SHO के रवैये पर भी सवाल उठाए। SHO का कहना था कि “मैंने जो काम किया है वह 10 साल बाद आपको मालूम चलेगा।” परिजन इसे धमकी मान रहे हैं।


परिजन ने यह भी स्पष्ट किया कि लड़की पर किसी तरह का मानसिक दबाव नहीं था, क्योंकि उसका न तो कोई परीक्षा थी और न ही पढ़ाई में वह कमजोर थी। परिवार ने यह भी कहा कि लड़की पर मानसिक या पारिवारिक दबाव नहीं था, फिर भी ऐसा क्यों हुआ, यह प्रशासन को बताना चाहिए।


अब यह मामला पॉक्सो एक्ट के दायरे में भी आ सकता है। परिवार द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र के आधार पर लड़की की उम्र नाबालिग बताई जा रही है। ऐसे में यदि DNA रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ POCSO के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने DNA रिपोर्ट को लेकर जांच तेज कर दी है और SIT, मेडिकल टीम मामले की जांच कर रही है।


अब सबकी निगाहें DNA रिपोर्ट पर हैं, क्योंकि इस रिपोर्ट के बाद ही मामले की असल तस्वीर सामने आ सकेगी। परिजन और समाज दोनों प्रशासन से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि इस घटना के पीछे सच क्या है और जिम्मेदारों को कानूनी दायरे में लाया जाए।

NEET student : NEET की छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और मौत मामले में अब पॉक्सो एक्ट की धारा भी लागू होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार परिवार ने जो उम्र से संबंधित प्रमाण पत्र दिया है, उसके अनुसार लड़की नाबालिग थी। इसी बीच लड़की के अंडरगारमेंट में मिले स्पर्म के बाद DNA जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। SIT और मेडिकल टीम ने पीड़िता के परिजनों के भी DNA सैंपल लिए हैं।


इस पूरे घटनाक्रम में परिवार ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सख्त सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि प्रशासन की कार्यप्रणाली ने उन्हें हैरान और आहत किया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से पक्षपात और लिपौती में है।


परिजनों ने बताया कि आज DNA जांच के लिए सैंपल लेने के दौरान दो लड़के मदद के लिए आए थे, जिन्हें महज पांच मिनट के लिए रोका गया। इनका भी निजी अस्पताल प्रभात मेमोरियल में सैंपल लिया गया। परिजनों का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया देखकर अब कोई भी मदद के लिए आगे आने से डरता है। प्रशासन का रवैया देखकर लोग शर्मसार हो रहे हैं।


परिजनों ने यह भी बताया कि रात में 12 बजे प्रशासन की टीम उनके घर पहुंची और कहा कि DNA सैंपल दें। उन्होंने पूछा कि सैंपल किस वजह से लिया जा रहा है, तो टीम ने जवाब दिया कि यह केवल एक औपचारिकता है। साथ ही यह भी नहीं बताया गया कि DNA टेस्ट करवाया जाएगा। परिजन यह भी कह रहे हैं कि पुलिस प्रशासन को परिवारिक रिश्तों की समझ ही नहीं है—“क्या मामा-भांजी का रिश्ता होता है, क्या बहन-भाई का रिश्ता होता है।”


परिवार ने यह आरोप भी लगाया कि शुरुआत से ही प्रशासन ने मामले को उलट-पुलट कर रखा है। पहले यह कहा जा रहा था कि लड़की ने आत्महत्या की, फिर अचानक मामला दुष्कर्म कैसे बन गया? परिजन के अनुसार जब उन्होंने लड़की के शरीर पर बने घावों का स्केच दिखाया तो पुलिस ने कहा कि “यूँ ही हो गया है।”


परिवार का सवाल है कि अगर लड़की के साथ कुछ भी हुआ है तो वह घर पर हुआ होगा, तो फिर लड़की घर पर क्यों नहीं मर गई? अगर घर पर सब कुछ हुआ है तो फिर लड़की बाहर क्यों आई? इस तरह के कई सवालों के जवाब पुलिस प्रशासन देने में विफल रहा है। परिजन का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह लिपोटी में लगा हुआ है।


परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि वे समय तक लड़ते रहेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। परिजनों ने SHO के रवैये पर भी सवाल उठाए। SHO का कहना था कि “मैंने जो काम किया है वह 10 साल बाद आपको मालूम चलेगा।” परिजन इसे धमकी मान रहे हैं।


परिजन ने यह भी स्पष्ट किया कि लड़की पर किसी तरह का मानसिक दबाव नहीं था, क्योंकि उसका न तो कोई परीक्षा थी और न ही पढ़ाई में वह कमजोर थी। परिवार ने यह भी कहा कि लड़की पर मानसिक या पारिवारिक दबाव नहीं था, फिर भी ऐसा क्यों हुआ, यह प्रशासन को बताना चाहिए।


अब यह मामला पॉक्सो एक्ट के दायरे में भी आ सकता है। परिवार द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र के आधार पर लड़की की उम्र नाबालिग बताई जा रही है। ऐसे में यदि DNA रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ POCSO के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने DNA रिपोर्ट को लेकर जांच तेज कर दी है और SIT, मेडिकल टीम मामले की जांच कर रही है।


अब सबकी निगाहें DNA रिपोर्ट पर हैं, क्योंकि इस रिपोर्ट के बाद ही मामले की असल तस्वीर सामने आ सकेगी। परिजन और समाज दोनों प्रशासन से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि इस घटना के पीछे सच क्या है और जिम्मेदारों को कानूनी दायरे में लाया जाए।