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ISM पटना में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'सस्टेनोवेट 2025' का भव्य शुभारंभ, देश-विदेश से जुटे शोधकर्ता

आईएसएम पटना में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्टेनोवेट 2025’ का उद्घाटन हुआ, जिसमें देश-विदेश से 115 से अधिक शोधकर्ता, विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल हुए। सम्मेलन में सतत नवाचार, शिक्षा, तकनीक और सुशासन पर गहन विमर्श हो रहा है।

25-Jul-2025 08:10 PM

By First Bihar

PATNA: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (ISM), पटना द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन "ग्लोबल रिसर्च पर्सपेक्टिव्स: सस्टेनोवेट 2025" का शुभारंभ शुक्रवार को एक गरिमामयी उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन देश-विदेश के 115 से अधिक विद्वानों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर सतत नवाचार (Sustainable Innovation) के विविध आयामों पर संवाद का अवसर प्रदान कर रहा है।


सम्मेलन का उद्घाटन हाइब्रिड मोड में हुआ, जिसमें कई प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन सत्र में आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के कुलपति, प्रो. शरद कुमार यादव तथा  रजिस्ट्रार, डॉ. निरंजन प्रसाद यादव, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। माननीय कुलपति ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "सस्टेनोवेट 2025 वर्तमान समय की आवश्यकता को दर्शाता है। नवाचार में स्थिरता को एकीकृत करना केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा नहीं, बल्कि व्यावहारिक आवश्यकता है जो एक सशक्त और टिकाऊ भविष्य की नींव रखती है।"


सम्मेलन के विशिष्ट अतिथियों में विजय प्रकाश, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं अटल इनक्यूबेशन सेंटर के चेयरमैन ए.एम. प्रसाद, पूर्व आईआरएस अधिकारी और भारत सरकार के वरिष्ठ प्रशासक शामिल रहे। दोनों अतिथियों ने प्रशासनिक अनुभव के माध्यम से अकादमिक विमर्श में बहुमूल्य योगदान दिया। विजय प्रकाश ने कहा, "सुशासन, नवाचार और स्थिरता का संगम ही आज के विकास का मूल मंत्र होना चाहिए। ऐसे सम्मेलन उस दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।"वहीं, ए.एम. प्रसाद ने कहा, "आई.एस.एम  की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। जब तक नीति निर्धारकों और शिक्षाविदों के बीच संवाद गहन नहीं होगा, परिवर्तन की प्रक्रिया अधूरी रहेगी। संस्थान के प्रमुख पदाधिकारियों समरेन्द्र सिंह (चेयरमैन), देवल सिंह (वाइस-चेयरमैन) और अमल सिंह (सचिव) ने भी अपने शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा आई.एस.एम पटना की शोध और तकनीकी  उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।


सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहीं आई.एस.एम की अकादमिक हेड, डॉ. श्वेता रानी  ने स्वागत भाषण में सम्मेलन की थीम और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, "सस्टेनोवेट 2025, आई.एस.एम की उस दूरदर्शिता का प्रतीक है जो वैश्विक प्रासंगिकता के साथ अंतर्विषयक शोध को प्रोत्साहित करती है। बदलते समय में अकादमिक जगत को नवाचार, समावेशिता और प्रभावशीलता का नेतृत्व करना चाहिए।" इस अवसर पर सम्मेलन संयोजक डॉ. डी.एन. सिंह एवं सह-संयोजक श्रीमती नीरू कुमारी झा ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और प्रायोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।


उद्घाटन सत्र में संजीवनी भरते हुए, आईएसएम पटना के स्टूडेंट्स मीडिया क्लब ने अपने बहुप्रतीक्षित कैंपस मैगज़ीन ‘लुक आउट’ के प्रथम अंक का विमोचन किया। यह प्रथम प्रकाशन छात्रों द्वारा स्वयं संकलित एक रचनात्मक मंच है, जिसमें विचारोत्तेजक लेख, कैंपस की कहानियाँ, साक्षात्कार तथा रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ शामिल हैं, जो छात्र जीवन की जीवंत धड़कन को प्रतिबिंबित करती हैं। इस पत्रिका का प्रकाशन न केवल युवा अभिव्यक्तियों को स्वर देने का एक गर्वपूर्ण क्षण है, बल्कि परिसर में पत्रकारिता और साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नेहा झा (सहायक प्रोफेसर) और डॉ. अनस रईस (IQAC समन्वयक) ने किया। मंचासीन अतिथियों के सम्मान कार्यक्रम का समन्वय श्री अभिनव कुमार झा (सहायक प्रोफेसर) ने किया। सम्मेलन के संयोजक डॉ. डी.एन. सिंह ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।


उद्घाटन सत्र के उपरांत चार प्रमुख थीम आधारित ट्रैक्स पर तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई: प्रबंधन, वाणिज्य एवं व्यावसायिक नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग. मीडिया, संचार एवं समाज, शिक्षा एवं सतत विकास, सम्मेलन में शामिल कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में शामिल रहे: प्रो. मोनिका प्रसाद, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, अमेरिका, डॉ. हिमाचलम दसराजु, कॉमनवेल्थ, यूके, डॉ. मुहम्मद अशद वी.पी., यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट लंदन, यूएई, डॉ. समीर रहोडिया, हनोवर, जर्मनी, डॉ. अबरार अहमद, एआईएमएसटी यूनिवर्सिटी, मलेशिया पहले दिन दो इन-पर्सन तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनकी अध्यक्षता क्रमशः डॉ. सोफिया फातिमा (डीन एवं प्रमुख, वाणिज्य विभाग, पटना वीमेंस कॉलेज) और प्रो. (डॉ.) ए.के. वर्मा, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु, एवं डॉ. राजीव कमल कुमार, ने की। इन सत्रों का संयोजन श्री सुधीर कुमार सिन्हा, श्री आलोक उत्पल, डॉ. सुनीता, श्री पूजा दुबे और श्री संजीव ठाकुर ने किया।


सस्टेनोवेट 2025 न केवल आईएसएम, पटना के शैक्षणिक कैलेंडर में एक ऐतिहासिक पहल है, बल्कि यह संस्थान की वैश्विक शोध सहभागिता और सतत नवाचार की प्रतिबद्धता को सशक्त करता है। आयोजन समिति, आईक्यूएसी  के नेतृत्व में, इस शैक्षणिक आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने में निरंतर सक्रिय रही है। समापन सत्र शनिवार, 26 जुलाई 2025 को दोपहर 2:45 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. निरंजन प्रसाद यादव, रजिस्ट्रार, आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी एवं प्रो. (डॉ.) एम.आई.एच. खान, लोकपाल, एमएमएचएपी विश्वविद्यालय एवं पूर्व रजिस्ट्रार, शामिल होंगे। समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृतिचिह्न भी प्रदान किए जाएंगे।