वैशाली में लूट की साजिश नाकाम, 6 अपराधी गिरफ्तार, लोडेड पिस्टल बरामद ग्रामीण विकास को रफ्तार: 1800 पंचायत सरकार भवन निर्माणाधीन, 2–3 महीने में 1000 होंगे तैयार GIRIDIH: कड़ाके की ठंड के बीच जरूरतमंदों की मदद के लिए TUFCON TMT आया सामने, कंबल-खिचड़ी का किया वितरण हाई-टेक होगा पटना जू: फरवरी से150 CCTV, मोबाइल ऐप और स्मार्ट टूर की सुविधा दरभंगा में PHED कर्मी की संदिग्ध मौत, सड़क किनारे मिला शव, हत्या की आशंका Bihar News: नेताजी की बदकिस्मती ! कभी सत्ता में थे नंबर-2, अब पहचान बचाने को गाड़ी पर लगाना पड़ रहा पुराना 'पदनाम', सियासत में टिके रहने की जद्दोजहद बिजली कनेक्शन के नाम पर घूसखोरी, मुजफ्फरपुर में 5 हजार रुपये रंगेहाथ घूस लेते JE सहित 3 कर्मी गिरफ्तार PATNA: चादरपोशी जुलूस में हथियार लहराना पड़ गया भारी, खाजेकला थाने की पुलिस ने 3 बदमाशों को दबोचा Bihar Bhumi: CO के बाद अब DCLR की बारी ! जजमेंट की क्वालिटी जांच होगी, डिप्टी CM विजय सिन्हा तैयार कर रहे प्लान.... CM Nitish Kumar order : सप्ताह में दो दिन पंचायत से लेकर प्रमंडल तक अधिकारी सुनेंगे आपकी बात,CM नीतीश ने जारी किया सख्त आदेश
04-Jan-2026 10:42 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विनय कुमार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) में डिप्यूटेशन के आधार पर इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्हें जल्द ही नई जिम्मेदारी संभालने के लिए केंद्र को रिलीव किया जाएगा।
बता दें कि विनय कुमार 2004 बैच के बिहार कैडर IPS अधिकारी हैं। वर्तमान में वे बिहार पुलिस मुख्यालय में IG और IG- STF के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 2 जनवरी को उनकी NIA में तैनाती का आदेश जारी किया है। हालांकि, उन्हें अभी बिहार सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलना बाकी है। NOC मिलने के बाद ही वे औपचारिक रूप से कार्यमुक्त होकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
बिहार से केवल विनय कुमार ही नहीं, बल्कि कुल 16 वरिष्ठ IPS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। इसमें 1996 बैच से लेकर 2004 बैच तक के कई दिग्गज अधिकारी शामिल हैं। रिपोर्ट में रतन संजय, विकास बर्मन, सुशील खोपड़े और किम जैसे अधिकारियों का जिक्र है, जो पहले ही केंद्र में जा चुके हैं या जाने की प्रक्रिया में हैं।
हालांकि वर्तमान में बिहार में अधिकारियों की कमी साफ दिखाई दे रही है। एक-एक ADG स्तर के अधिकारी के पास दो से तीन अतिरिक्त प्रभार हैं। सवाल उठता है कि नीतीश कुमार के सुशासन के दावों के बीच, अधिकारी राज्य में रहकर कार्य करने के बजाय केंद्र क्यों जाना पसंद कर रहे हैं? लोगों के मन में यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।