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01-Feb-2026 12:09 PM
By First Bihar
New tax rules : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस नए एक्ट के तहत कर संबंधी नियम और फॉर्म्स इस तरह तैयार किए गए हैं कि आम नागरिक आसानी से उनका पालन कर सके और टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया सरल बन सके।
फाइनेंशियल साल 2026-27 से लागू होने वाले नए नियमों में विशेष रूप से यह ध्यान रखा गया है कि आम लोग बिना किसी परेशानियों के अपने कर विवरण समय पर जमा कर सकें। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर दाताओं की सुविधा को बढ़ाना और प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी तथा सरल बनाना है।
मोटर एक्सीडेंट क्लैम पर टैक्स छूट
निर्मला सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि मोटर एक्सीडेंट से मिली क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से पूरी तरह से छूट दी जाएगी। करदाताओं के लिए यह राहत बड़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में मिलती रकम अब टैक्सेबल इनकम में नहीं जोड़ी जाएगी। सरकार ने इसके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की है। इसका मतलब है कि करदाता 31 जुलाई तक अपने टैक्स रिटर्न में इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।
विभिन्न करदाताओं के लिए अलग-अलग समय सीमा
बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कर विवरण दाखिल करने की समय सीमा के लिए अलग-अलग श्रेणियों का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत:
इंडिविजुअल्स (व्यक्तिगत करदाता) – इन व्यक्तियों को अपने रिटर्न 31 जुलाई 2026 तक दाखिल करने होंगे।
नॉन-ऑडिट व्यवसाय और ट्रस्ट – इन संस्थाओं को रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 तय की गई है।
इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग करदाताओं की जरूरतों और उनकी क्षमता के अनुसार समय सीमा निर्धारित हो, ताकि सभी समय पर अपने टैक्स संबंधी दायित्वों का पालन कर सकें।
नए फॉर्म्स और प्रक्रिया की सुविधा
इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत नए फॉर्म्स भी जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने बताया कि ये फॉर्म्स विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं ताकि करदाता बिना किसी तकनीकी परेशानी के, केवल जरूरी विवरण भरकर टैक्स रिटर्न जमा कर सकें। फॉर्म्स में डिजिटल सुविधा को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बने।
सरकार ने यह भी कहा है कि नए नियमों और फॉर्म्स की जानकारी सभी करदाताओं तक समय पर पहुंचाई जाएगी। इसके लिए आयकर विभाग की वेबसाइट, ईमेल नोटिफिकेशन और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य और करदाता राहत
फाइनेंस मंत्री ने बजट 2026 में कहा कि इन नए नियमों का लक्ष्य करदाताओं को सुविधा देना, टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और कर अनुपालन को बढ़ावा देना है। मोटर एक्सीडेंट क्लैम पर टैक्स छूट, विभिन्न समय सीमाओं का निर्धारण और सरल फॉर्म्स सभी इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
इस निर्णय से उम्मीद जताई जा रही है कि करदाताओं में टैक्स भरने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और अधिक लोग समय पर रिटर्न दाखिल करेंगे। साथ ही, इससे कर प्रक्रिया में पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन भी बढ़ेगा।
संक्षेप में, इनकम टैक्स एक्ट 2025 और नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथियां विभिन्न करदाताओं के लिए अलग-अलग तय की गई हैं – व्यक्तिगत करदाताओं के लिए 31 जुलाई और नॉन-ऑडिट व्यवसाय व ट्रस्ट्स के लिए 31 अगस्त। इसके साथ ही मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को टैक्स से मुक्त करने की सुविधा भी दी गई है।