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28-Jan-2026 11:53 AM
By First Bihar
BIHAR BHUMI : बिहार सरकार में मंत्री विजय सिन्हा ने गया जी में कार्यक्रम के दौरान सख्त लहजे में बयान दिया। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यशैली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजय सिन्हा ने कहा कि वह गलती करने वालों को सस्पेंड नहीं बल्कि सीधे बर्खास्त करते हैं और गड़बड़ी करने वालों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
कार्यक्रम के दौरान विजय सिन्हा ने कहा, “मौसम बदला है तो कर्मचारियों को भी बदलना चाहिए। मैं कर्मचारियों से कहना चाहता हूँ कि ऐसा न हो कि आपके काम की सज़ा आपके परिवार को भुगतनी पड़े और उन्हें श्मशान तक जाना पड़े। मैं सस्पेंड नहीं करता, सीधे बर्खास्त करता हूँ। इस तरह की गड़बड़ी करने वालों को मैं कड़ी सज़ा देता हूँ।” उनके इस बयान से वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई।
विजय सिन्हा ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और लापरवाही का असर केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव आम जनता और उनके परिवार पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह उनका कर्तव्य है कि वे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाएँ और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लें।
मंत्री का यह बयान कर्मचारियों के बीच अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई सरकारी विभागों में काम में सुस्ती और लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में विजय सिन्हा का यह कड़ा रुख प्रशासन में एक संदेश के रूप में माना जा रहा है कि अब कोई भी कर्मचारी अपने कर्तव्यों की अनदेखी नहीं कर सकता।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गया जिले के प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों ने मंत्री के इस बयान को गंभीरता से लिया है। अधिकारी यह मान रहे हैं कि अब उन्हें अपने काम में पूर्ण दक्षता और पारदर्शिता दिखानी होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत गलती पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनके कार्यशैली और उनके विभाग में समग्र अनुशासन पर भी नजर रखी जाएगी।
विजय सिन्हा का यह बयान बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी का प्रतीक बन गया है। मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल अनुशासन बनाए रखना है और उन्हें उम्मीद है कि उनके आदेश से सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेंगे।
इस मौके पर मंत्री ने यह भी कहा कि गलतियों का परिणाम केवल कर्मचारी तक सीमित नहीं रहेगा। उनकी लापरवाही का असर उनके परिवार पर भी पड़ेगा और अगर कोई कर्मचारी अपने कर्तव्यों में गंभीरता नहीं दिखाएगा तो उन्हें इसका भारी परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाई जाएगी और नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के इस बयान के बाद गया जिले में प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारी और कर्मचारी अब अपने काम को लेकर अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। यह बयान इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के काम में जवाबदेही और अनुशासन को लेकर गंभीर है।
विजय सिन्हा के इस कड़े रुख को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषक भी चर्चा कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह बयान केवल चेतावनी नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिए अनुशासन और जवाबदेही का सख्त संदेश है।