बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम चैती छठ का तीसरा दिन: अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य, पटना के घाटों पर दिखी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रोहतास को 480 करोड़ की सौगात: सीएम नीतीश बोले..बदल चुका है बिहार बिहार में ANTF और STF की बड़ी कार्रवाई: 80 लाख की हीरोइन के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार सबसे बड़े गुनाहगार पर एक्शन कब ? महिला MVI की गाड़ी पर सवार होकर वसूली करने वाला 'भतीजा' गया जेल, दफ्तर में भी बैठकर करता था अवैध काम रायफल से खूंटा ठोकाला! बर्थडे पार्टी में आर्केस्ट्रा गर्ल ने बंदूक लहराई, अश्लील गानों पर लगाए ठुमके – वीडियो वायरल BIHAR NEWS : सुनसान पहाड़ पर बिहार सरकार बनाएगी हाई सिक्योरिटी जेल, सम्राट चौधरी ने किया एलान 31 मार्च से पहले कर लें यह 5 काम, नहीं तो बाद में हो सकते है परेशान LALU YADAV : दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा झटका! लालू यादव की याचिका खारिज, रेलवे लैंड फॉर जॉब घोटाले में जांच जारी
19-Feb-2025 06:38 PM
By FIRST BIHAR
BPSC on Khan Sir: 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द कराने के लिए सड़क पर उतरे पटना के चर्चित शिक्षक खान सर के ऊपर बीपीएसपी ने सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है। बीपीएससी ने एक वीडियो शेयर कर कहा है कि खान सर ने ओछेपन अभद्रता की सभी सीमाएं पार कर दी है। बीपीएससी ने ऐसे शिक्षक से सावधान रहने की सलाह छात्रों को दी है।
दरअसल, 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द कराने के लिए एक बार फिर से पटना की सड़कों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उतरें हैं और लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों के समर्थन में एक बार फिर से पटना के चर्चित शिक्षक खान सर भी सड़क पर उतरे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनके पास ऐसा सबूत है कि पटना हाई कोर्ट को इस परीक्षा को रद्द करना ही पड़ेगा। खान सर यह दावा तब कर रहे हैं जब परीक्षा का रिजल्ट निकल चुका है और आयोग ने मेंस परीक्षा का डेट भी जारी कर दिया है।
बीपीएससी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर खान सर का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “उक्त "गुरु" सोशल मीडिया पर बहुप्रचारित एक स्वयंभू कोचिंग संचालक हैं, जो स्वयं को बिहार के युवाओं के "भविष्य निर्माता" के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इनकी भाषा का स्तर देखिए! इन्होंने ओछेपन, अशिष्टता एवं अभद्रता की सभी सीमाएँ पार कर दी हैं। क्या ऐसे "गुरु" बिहार के युवाओं के भविष्य का मार्गदर्शन करेंगे?”
बीपीएससी ने आगे लिखा, “जिस आयोग द्वारा अनुशंसित पदाधिकारी/कर्मचारी बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं, उसी संस्था के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग करने का उद्देश्य न केवल आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की छवि को धूमिल करना है, बल्कि आयोग के मेहनती एवं कर्मठ कर्मियों का मनोबल गिराना भी है। ऐसे गुरूओं के बेबुनियाद दावों और दिग्भ्रमित करने वाले वादों से बिहार के छात्र/युवा सतर्क रहें”।
