PATNA: विधान सभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहेगा. मंगलवार को हंगामे के दौरान आर पार की नौबत भी आ सकती है. मौनसून सत्र के पहले दिन तेजस्वी यादव की घोषणा के बाद ऐसे ही आसार नजर आने लगे हैं. तेजस्वी यादव ने साफ कह दिया है विधान सभा में स्पीकर और सरकार SIR के मुद्दे पर विशेष बहस कराएं नहीं तो वो चुप नहीं बैठेंगे.
तेजस्वी ने क्या ऐलान किया......
लोकतंत्र का बडा मंदिर विधान सभा है. बिहार लोकतंत्र की जननी है और यहां ये कोई लोकतंत्र समाप्त करने की कोशिश करेगा तो हम बर्दास्त नहीं करेंगे. पार्लियामेंट हो सडक हो हर जगह हमारी कोशिश है की गरीबों को वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए. हम लडाई लडेंगे . सरकार और स्पीकर इस मुद्दे पर चर्चा कराने को लेकर तैयार नहीं होंगे तो आने वाले समय में इनलोगों को जवाब देते नहीं बनेगा. कल बडे पैमाने पर विरोध होगा.
मानसून सत्र के पहले ही दिन भी हुआ हंगामा........
विधान मंडल के मौनसून सत्र के पहले दिन भी मतदाता विशेष गहन पुनर्रीक्षण का जबरदस्त विरोध हुआ. सदन के बाहर और अंदर माले के विधायकों ने मतदाता विशेष गहन पुनर्रीक्षण कार्य का विरोध किया और स्पीकर से सदन के अंदर बहस कराने की मांग की.
तेजस्वी की क्या है चिंता........
तेजस्वी समेत विपक्षी दलों की चिंता है कि SIR अभियान से एक प्रतिशत वोटरों का नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा. यानी 7 लाख 90 हजार वोटर इस अभियान से अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे. यानी हर विधानसभा क्षेत्र से 3251 वोटरों का नाम कट जाएगा. 2015 विधान सभा चुनाव में 3 हजार से कम मतो से हार जीत वाली 15 सीटें थीं. जबकि 2020 विधानसभा चुनाव में 3 हजार से कम वोटों से हार जीत वाली 35 सीटें थीं.