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02-Dec-2025 11:27 AM
By First Bihar
Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में आज विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का चुनाव संपन्न हुआ। इस अवसर पर बीजेपी के वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। विधानसभा के अंदर इस चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच यह निर्णय सभी दलों के लिए अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा। प्रेम कुमार के निर्विरोध चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में इसे एक महत्वपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
चुनाव के तुरंत बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रेम कुमार को बधाई दी और विधानसभा में उपस्थित सभी सदस्यों से कहा कि वे खड़े होकर नए स्पीकर को सम्मान दें। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के दौरान सदन में एक रोचक और चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल, जब सभी सदस्य खड़े होकर प्रेम कुमार को बधाई दे रहे थे, तब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने आसन पर ही बैठे रहे। यह दृश्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नजर से नहीं बचा। उन्होंने तुरंत तेजस्वी यादव को टोका और कहा, "ए, खड़ा होना जी, कहां बैठे हो?" इस निर्देश के बाद तेजस्वी यादव को भी खड़ा होना पड़ा और सभी सदस्यों ने स्पीकर को सम्मानपूर्वक बधाई दी।
इस मौके पर सदन में मौजूद कुछ विधायकों ने बताया कि इस प्रकार का दृश्य दुर्लभ होता है, जब मुख्यमंत्री स्वयं सदस्यों को निर्देश देते हैं कि वे विधानसभा की मर्यादा और सम्मान का पालन करें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस आचरण को विधानसभा के भीतर अनुशासन और सम्मान बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री का उद्देश्य सभी विधायकों से यह सुनिश्चित करना था कि विधानसभा के नए अध्यक्ष को पूरे सदन का सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि "हम चाहते हैं कि सभी लोग खड़े होकर प्रेम कुमार को प्रणाम करें।" मुख्यमंत्री के इस आदेश के पालन के बाद सभी सदस्यों ने खड़े होकर नए स्पीकर को बधाई दी।
विधानसभा के अंदर यह दृश्य काफी चर्चा में रहा। तेजस्वी यादव का बैठना और बाद में खड़े होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना। कुछ विश्लेषक इसे राजनीतिक शिष्टाचार और सदन के नियमों के पालन का उदाहरण भी मान रहे हैं। वहीं, कुछ का कहना है कि विपक्षी नेता को टोका जाना राजनीतिक दबाव का संकेत भी हो सकता है।
इस अवसर पर प्रेम कुमार ने सदन में अपने भाषण में सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि उनका प्रयास सदन की कार्यवाही को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का रहेगा। उन्होंने सभी दलों के सहयोग की अपेक्षा जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में सदस्यों को यह भी याद दिलाया कि विधानसभा में शिष्टाचार और नियमों का पालन करना प्रत्येक सदस्य का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सदन का हर निर्णय और हर प्रक्रिया पारदर्शिता और अनुशासन के साथ होना चाहिए। बिहार विधानसभा में आज का यह सत्र न केवल नए स्पीकर के निर्विरोध चुनाव के कारण यादगार बना, बल्कि सदन में अनुशासन, सम्मान और राजनीतिक संवाद के महत्व को भी उजागर किया।