Antibiotic Resistance: मानव शरीर पर बेअसर साबित हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा Antibiotic Resistance: मानव शरीर पर बेअसर साबित हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा Bihar Ias Officers: बिहार कैडर के 6 IAS अफसरों को मिला यह लाभ, सभी अधिकारी कहां हैं पोस्टेड,जानें... पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र से गुजरेगी 5 नई अमृत भारत एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएँ Border 2 Trailer: ‘बॉर्डर 2’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, सनी देओल की दहाड़ से गूंजा देशभक्ति का जज्बा Border 2 Trailer: ‘बॉर्डर 2’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, सनी देओल की दहाड़ से गूंजा देशभक्ति का जज्बा अनुशासनात्मक कार्रवाई में ये गलतियां न करें: मुख्य सचिव की अफसरों को दी सख्त चेतावनी वाह री पटना पुलिस....रेप से इंकार करती रही ! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद जागी, तब जाकर हॉस्टल संचालक को किया अरेस्ट वाह री पटना पुलिस....रेप से इंकार करती रही ! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद जागी, तब जाकर हॉस्टल संचालक को किया अरेस्ट Bihar Bhumi: बिहार में लागू होगी भूमि मापी की नई व्यवस्था, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
15-Jan-2026 03:39 PM
By First Bihar
Bihar Politics : बिहार विधान परिषद का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेगी। बजट को वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव प्रस्तुत करेंगे। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। यह बजट सत्र इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह बिहार की नई सरकार का पहला पूर्ण बजट सत्र होगा, जिससे सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं की स्पष्ट झलक मिलने की उम्मीद है।
सरकार के लिए यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान वह अपने आर्थिक विजन, विकास योजनाओं और आगामी वर्षों की रणनीति को सदन और जनता के सामने रखेगी। माना जा रहा है कि सरकार इस बजट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि आने वाले वर्षों में बिहार को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। खासतौर पर बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस रहने की संभावना है।
बजट सत्र के दौरान सदन में वार्षिक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर बहस होगी, जिसमें विपक्ष सरकार की नीतियों और खर्चों पर सवाल उठा सकता है। प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए सदस्य अपनी-अपनी समस्याएं और मुद्दे उठाएंगे। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है, जिन पर सदन में लंबी चर्चा हो सकती है।
विपक्ष इस बजट सत्र को लेकर पूरी तरह आक्रामक मूड में नजर आ रहा है। विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की स्थिति और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है और सरकार इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने में विफल रही है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान इन सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया जा सकता है। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों की नियुक्ति और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और गरीब मरीजों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा संभव है।
इसके अलावा रोजगार और ग्रामीण विकास भी बजट के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कौशल विकास योजनाओं को विस्तार देने और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर सरकार का फोकस रह सकता है। महिलाओं और युवाओं से जुड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
बजट सत्र को लेकर विधानसभा परिसर और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के साथ-साथ सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वित्त विभाग भी बजट को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। कुल मिलाकर, यह बजट सत्र न केवल सरकार की नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति और विकास की तस्वीर भी पेश करेगा।