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Bihar Teacher News : अब वॉट्सऐप पर शिक्षकों को नहीं मिलेगी छुट्टी, शिक्षा विभाग का सख्त फरमान; जानिए क्या है नया रूल

बिहार में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए अवकाश नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अब केवल व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर या मौखिक सूचना देकर छुट्टी लेना मान्य नहीं होगा।

15-Jan-2026 07:45 AM

By First Bihar

Bihar Teacher News : बिहार में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए अवकाश नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अब केवल व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर या मौखिक सूचना देकर छुट्टी लेना मान्य नहीं होगा। बिना विधिवत अनुमति के अवकाश पर जाने वालों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि आकस्मिक अवकाश भी अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही स्वीकृत होगा।


व्हाट्सऐप से छुट्टी लेने की परंपरा पर रोक

पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि कई शिक्षक और कर्मचारी सिर्फ व्हाट्सऐप पर मैसेज डालकर छुट्टी मान लेते थे। कुछ मामलों में तो कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय या विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए इस व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग का कहना है कि केवल डिजिटल मैसेज या मौखिक सूचना को अब अवकाश की अनुमति नहीं माना जाएगा।


विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य

नए निर्देशों के तहत हर शिक्षक और कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश लेने से पहले सक्षम प्राधिकारी से विधिवत अनुमति लेनी होगी। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बिना पूर्व स्वीकृति के लिया गया अवकाश अमान्य माना जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कर्मचारी को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि केवल सूचना देने भर से छुट्टी स्वतः स्वीकृत हो जाएगी।


सरकारी कामकाज और छात्रों पर पड़ रहा था असर

शिक्षा विभाग के अनुसार, बिना सूचना और अनुमति के कर्मचारियों के गायब रहने से सरकारी कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। फाइलों का निपटारा समय पर नहीं हो पा रहा था और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे थे। विद्यालयों में पढ़ाई की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।


नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

विभाग ने चेतावनी दी है कि अवकाश नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी पदाधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें वेतन रोकना, अनुशासनात्मक दंड देना और सेवा नियमों के तहत अन्य कठोर कदम उठाना शामिल है। विभाग का कहना है कि अनुशासन बनाए रखना शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।


आकस्मिक अवकाश के लिए तय फॉर्मेट

शिक्षा विभाग ने आकस्मिक अवकाश के लिए एक निश्चित फॉर्मेट भी जारी किया है। अब शिक्षकों और कर्मचारियों को इसी फॉर्मेट में आवेदन देना अनिवार्य होगा। आवेदन में कर्मचारी का नाम, पदनाम और संबंधित शाखा का नाम दर्ज करना होगा। इसके साथ ही कुल स्वीकृत आकस्मिक अवकाश की संख्या और पहले ली गई छुट्टियों का विवरण भी देना होगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कर्मचारी नियमों के दायरे में रहते हुए ही अवकाश ले रहा है या नहीं।


अनुशासन पर जोर, व्यवस्था में सुधार की कोशिश

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस सख्ती से कार्यसंस्कृति में सुधार आएगा और जवाबदेही तय होगी। विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कामकाज सुचारु रूप से चले और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। नियमों का पालन करने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।


कुल मिलाकर, बिहार में अब शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। व्हाट्सऐप के जरिए छुट्टी लेने की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगाकर विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों के तहत ही अवकाश लेना होगा, वरना सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहना पड़ेगा।