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17-Jan-2026 12:29 PM
By First Bihar
Bihar startup : बिहार ने उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्टार्टअप्स के लिए ‘सीड फंड’ की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी है। यह घोषणा उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 के अवसर पर पटना के चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP) में आयोजित “अविन्या बिहार 2.0” कार्यक्रम में की।
मंत्री ने कहा कि बिहार अब केवल पलायन और बेरोज़गारी की वजह से नहीं, बल्कि अपनी उद्यमी सोच, नवाचार और इनोवेशन के लिए पहचाना जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं को हर स्तर पर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में हर संभव सुविधा प्रदान की जाएगी।
इस पहल से बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अगर किसी के पास उत्कृष्ट बिजनेस आइडिया है लेकिन पूंजी की कमी है, तो अब उन्हें 25 लाख रुपए तक का फंड आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इस कदम से युवा उद्यमियों को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने में मदद मिलेगी और वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकेंगे।
कार्यक्रम में ‘स्टार्टअप बिहार’ ने अपनी नई वेबसाइट लॉन्च की और ‘एसयू एंड आई’ मैगजीन के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य बिहार के स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना और उन्हें निवेश के बेहतर अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, टीआईई (TiE) पटना के साथ हुए समझौते से राज्य के नवाचार और उद्यमिता को एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा।
सरकार की विजन 2030 के तहत लक्ष्य है कि बिहार को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब्स में शामिल किया जाए। राज्य में अब स्टार्टअप्स के लिए अधिक सुविधा और फंडिंग उपलब्ध होने से नई तकनीक, नवाचार और व्यवसायिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार के युवा अब केवल नौकरी की तलाश में नहीं रहेंगे, बल्कि अपने बिजनेस आइडियाज और स्टार्टअप के जरिए रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करेंगे।
‘अविन्या बिहार 2.0’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले उद्यमियों और विशेषज्ञों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने इसे बिहार में नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। इस फंड वृद्धि और सहयोगात्मक पहल से स्टार्टअप्स को अपनी परियोजनाओं को विकसित करने, नई तकनीकों को अपनाने और वैश्विक निवेशकों तक पहुँच बनाने का अवसर मिलेगा।
इससे यह संदेश भी गया कि बिहार अब केवल पारंपरिक उद्योगों या कृषि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नवाचार और उद्यमिता का एक मजबूत केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य के युवा उद्यमी बनने के सपने को वास्तविकता में बदल सकें। स्टार्टअप्स के लिए बढ़ाए गए फंड और सहयोगात्मक प्रयासों से बिहार के आर्थिक परिदृश्य में नया बदलाव देखने को मिलेगा।
इस प्रकार, बिहार का यह कदम राज्य के युवा उद्यमियों के लिए सशक्त और प्रेरणादायक अवसर साबित होगा, जिससे स्टार्टअप्स का नेटवर्क मजबूत होगा और राज्य का नाम देश और दुनिया में नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में चमकेगा।