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08-Feb-2026 08:58 AM
By First Bihar
Bihar education department : बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की वर्षों से लंबित शिकायतों के समाधान को लेकर एक बड़ी और प्रभावी पहल की है। अब शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। विभाग ने सभी जिलों में विशेष कैंप लगाकर शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया है।
शिक्षा विभाग को अब तक 1 लाख 40 हजार से अधिक शिक्षकों की वेतन विसंगति, पदोन्नति और सेवा से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों का समाधान किए जाने के बाद उन्हें अनिवार्य रूप से इच्छा कोष पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकें।
जिलों में लगेंगे समाधान कैंप
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नियमित अंतराल पर समाधान कैंप आयोजित करें, जहां शिक्षक अपनी समस्याएं सीधे प्रस्तुत कर सकें। इन कैंपों में वेतन निर्धारण, सेवा पुस्तिका, स्थानांतरण, पदोन्नति, एरियर भुगतान और अन्य प्रशासनिक मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया जाएगा।
31 मार्च तक मिलेगी ई सर्विस बुक
शिक्षकों के लिए एक और बड़ी सुविधा के तहत अब सभी सरकारी शिक्षकों को 31 मार्च तक उनकी ई सर्विस बुक (e-Service Book) उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को भी डिजिटल सर्विस बुक की सुविधा दी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे शिक्षकों और कर्मचारियों की आई सर्विस बुक खोलने की प्रक्रिया तुरंत पूरी करें, ताकि भविष्य में किसी भी सेवा संबंधी विवाद से बचा जा सके।
क्या-क्या होगा ई सर्विस बुक में?
ई सर्विस बुक में शिक्षक और कर्मचारियों की सभी व्यक्तिगत और सेवा संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी। इसमें शामिल होंगे:
नियुक्ति एवं सेवा संतुष्टि की जानकारी
वेतन निर्धारण और वेतनमान विवरण
पदोन्नति और स्थानांतरण का रिकॉर्ड
विभागीय कार्रवाई और पुरस्कार
शैक्षणिक एवं प्रशासनिक योग्यता
अवकाश विवरण और सभी प्रमाण पत्र
इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे बल्कि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति में तुरंत सुधार भी संभव होगा।
पारदर्शिता और सुविधा पर जोर
शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और शिक्षकों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब शिक्षक अपनी सेवा से जुड़ी हर जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार के लिए आवेदन भी कर सकेंगे।
शिक्षकों के लिए बड़ा लाभ
इस नई व्यवस्था से शिक्षकों को मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक राहत मिलेगी। वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति जैसे मामलों का समाधान तेजी से हो सकेगा। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड से भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी।