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06-Jan-2026 11:59 AM
By First Bihar
Bihar land reform : बिहार में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा प्रशासनिक एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसके तहत राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को उनकी आवंटित और बंदोबस्त जमीन पर वास्तविक दखल दिलाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम रखा गया है ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’, जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल कागज पर अधिकार सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि जमीन पर वास्तविक कब्जा दिलाना है। सरकार ने इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत दखल देहानी का लक्ष्य रखा है।
ग्रामीण इलाकों में वर्षों पहले सरकारी, अधिशेष, भूदान या क्रय की गई जमीन पर्चाधारियों को आवंटित की गई थी, लेकिन दबंगों के डर, प्रशासनिक ढिलाई और लंबी प्रक्रियाओं के कारण वे अक्सर उस जमीन पर कब्जा नहीं कर पाए। कई जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पर्चाधारियों को उनके खेत या प्लॉट तक जाने नहीं दिया जाता, जिससे उनका हक़ सीमित रह गया। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने यह अभियान शुरू किया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी व्यक्ति एससी-एसटी परिवारों को आवंटित जमीन से बेदखल करता है, तो इसे गंभीर और दंडनीय अपराध माना जाएगा। यह कदम संविधान के अनुच्छेद 46 के तहत कमजोर वर्गों के हितों की सुरक्षा के दायित्व और एससी-एसटी (संशोधन) अधिनियम, 2015 की धारा 3(एफ) के अनुसार अवैध कब्जा रोकने के लिए उठाया गया है।
अब भूमि से जुड़े सभी बेदखली मामले प्राथमिकता और त्वरित कार्रवाई के तहत निपटाए जाएंगे। राज्य सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पर्चाधारियों को उनकी जमीन पर वास्तविक दखल दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएं, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके। इस अभियान से न केवल सामाजिक न्याय मजबूत होगा, बल्कि कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।
बिहार सरकार की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि एससी-एसटी परिवारों को उनकी जमीन पर पूर्ण अधिकार मिलेगा और किसी भी दबंग या अवैध कब्जाधारक को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई तुरंत की जाएगी।