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Train accident latest news : बिहार में रेल हादसा, फेसर स्टेशन के पास मालगाड़ी की तीन बोगियां पटरी से उतरीं

Train accident latest news : बिहार के दीनदयाल उपाध्याय रेल खंड पर फेसर स्टेशन के पास मंगलवार रात मालगाड़ी की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं। राहत की बात यह रही कि हादसे से रेल परिचालन प्रभावित नहीं हुआ।

24-Dec-2025 11:49 AM

By First Bihar

Train accident latest news : बिहार में एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर हादसा सामने आया है। दीनदयाल उपाध्याय रेल खंड पर फेसर स्टेशन के पास मंगलवार की देर रात एक मालगाड़ी की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं। यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजकर 55 मिनट की बताई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना का असर रेल परिचालन पर नहीं पड़ा और ट्रेनों का आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी फेसर स्टेशन से पश्चिम केबिन के पास डाउन मेन लाइन से लूप लाइन में प्रवेश कर रही थी। इसी दौरान मालगाड़ी की पिछली तीन बोगियों के पहिये अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया।


घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी कर्मियों की टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को मुख्य लाइन से अलग किया गया। पहिये उतरने के बाद मालगाड़ी की तीनों बोगियों को काटकर शेष मालगाड़ी को आगे निकाल दिया गया, जिससे मुख्य रेल मार्ग पूरी तरह बाधित न हो।


रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह एक संवेदनशील रेल खंड है, जहां से होकर कई महत्वपूर्ण यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन ने पूरी सतर्कता के साथ स्थिति को संभाला और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी ट्रेन के परिचालन पर असर न पड़े।


रेलवे की तकनीकी टीम ने रातभर मरम्मत कार्य जारी रखा। दुर्घटनाग्रस्त बोगियों के पहियों को फिर से पटरी पर चढ़ाने का कार्य युद्धस्तर पर किया गया। करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार सुबह लगभग 8 बजे तक लूप लाइन की मरम्मत पूरी कर ली गई और उसे फिर से चालू कर दिया गया।


रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक, प्वाइंट और सिग्नल सिस्टम की गहन जांच की गई है। प्रारंभिक जांच में किसी बड़ी तकनीकी खामी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। हादसे के बावजूद रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य रहा। मुख्य लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही जारी रही और किसी भी यात्री ट्रेन को रद्द या डायवर्ट नहीं किया गया। रेलवे प्रशासन की तत्परता के कारण यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।


स्थानीय रेल अधिकारियों का कहना है कि लूप लाइन में हादसा होने के कारण मुख्य मार्ग सुरक्षित रहा। यदि यह घटना मेन लाइन पर होती, तो बड़े पैमाने पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो सकता था। रेलवे प्रशासन ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर प्वाइंट फेल्योर या ट्रैक में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा।


रेलवे अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और माल को भी कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मरम्मत कार्य पूरा किया गया। घटना के बाद आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि जब यह स्पष्ट हुआ कि यात्री ट्रेनों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है, तो लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैक और प्वाइंट की नियमित जांच और मजबूत करनी चाहिए।


फेसर स्टेशन के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े करता है, लेकिन साथ ही रेलवे कर्मचारियों की तत्परता और कुशल प्रबंधन की भी मिसाल पेश करता है। समय रहते कार्रवाई किए जाने से न केवल बड़ा हादसा टल गया, बल्कि रेल परिचालन भी पूरी तरह सामान्य रखा गया। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।