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17-Jan-2026 03:16 PM
By First Bihar
Bihar Crop Assistance Scheme : बिहार सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की मार या अन्य कारणों से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने रबी 2025-26 सीजन के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। इस योजना के अंतर्गत फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सहकारिता विभाग ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है और खास बात यह है कि आवेदन पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।
अधिसूचित फसलों को मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत कई रबी फसलों को शामिल किया गया है। इनमें गेहूं, रबी मक्का, ईख, आलू, बैंगन, टमाटर, गोभी, अरहर, चना, मसूर, प्याज, राई-सरसों और मिर्च प्रमुख हैं। यदि इन फसलों में किसानों को उत्पादन के स्तर पर नुकसान हुआ है, तो वे इस योजना के तहत मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि फसल क्षति के बाद किसान आर्थिक रूप से टूटें नहीं और अगली फसल की तैयारी आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
नुकसान के आधार पर मिलेगी सहायता राशि
फसल उत्पादन में यदि 20 प्रतिशत तक क्षति हुई है, तो किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी। वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक नुकसान की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि निर्धारित की गई है। हालांकि, एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक ही इस योजना का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि एक किसान अधिकतम 20,000 रुपये तक की सहायता प्राप्त कर सकता है।
सभी श्रेणी के किसान होंगे पात्र
इस योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि इसका लाभ केवल रैयत किसानों तक सीमित नहीं है। रैयत, गैर-रैयत और आंशिक रैयत किसान सभी इसके लिए पात्र हैं। इसके अलावा नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्र में खेती करने वाले किसान भी आवेदन कर सकते हैं। किसान एक ही आवेदन में एक से अधिक फसलों का चयन कर सकते हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
फसलवार आवेदन की अंतिम तिथि
सरकार ने अलग-अलग फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि भी तय कर दी है। आलू के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। गेहूं, रबी मक्का, ईख, रबी टमाटर और रबी बैंगन के लिए 28 फरवरी 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। चना, मसूर और रबी प्याज के लिए अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। वहीं रबी अरहर, राई-सरसों, रबी मिर्च और गोभी के लिए 31 मार्च 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
ऐसे करें आवेदन
किसान कृषि विभाग के डीबीटी (DBT) पोर्टल पर पंजीकरण के बाद सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय फसल का नाम, बुआई का रकबा और संबंधित भूमि की जियो टैग फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। इससे फसल क्षति का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सहकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है।
सरकार का भरोसा
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि फसल सहायता योजना के माध्यम से किसानों को समय पर आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है, ताकि वे नुकसान से उबरकर दोबारा खेती कर सकें। सरकार का मानना है कि यह योजना किसानों के लिए संबल साबित होगी और राज्य की कृषि व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह पहल किसानों के हित में एक अहम कदम मानी जा रही है, जो फसल क्षति की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।