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17-Jan-2026 07:49 AM
By First Bihar
Bihar Police News : बिहार पुलिस जल्द ही आधुनिक तकनीक से और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हाई कैपेसिटी ड्रोन खरीदे जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसकी मंजूरी केंद्र सरकार की हाई पावर कमेटी ने दे दी है। यह जानकारी शुक्रवार को पटना स्थित पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने दी। एडीजी ने बताया कि मार्च 2026 तक लगभग 50 अत्याधुनिक ड्रोन खरीदे जाएंगे। इन ड्रोन की मदद से बिहार पुलिस की निगरानी क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और अपराधियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा।
सभी जिलों को मिलेगा एक-एक ड्रोन, STF को मिलेंगे विशेष ड्रोन
नई योजना के तहत राज्य के सभी पुलिस जिलों को एक-एक ड्रोन दिया जाएगा। इसके अलावा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के लिए 10 बेहद उच्च क्वालिटी के ड्रोन खरीदे जाएंगे। इनका इस्तेमाल खासतौर पर दियारा क्षेत्र, घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में निगरानी के लिए किया जाएगा, जहां सामान्य पुलिस बल की पहुंच कठिन होती है।
जिलों को मिलने वाले ड्रोन लगातार 45 मिनट तक उड़ान भरने में सक्षम होंगे। ये ड्रोन भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों की तलाश और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। बड़े आयोजनों, चुनाव, जुलूस और आपात स्थितियों में इन ड्रोन की मदद से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
ANPR सिस्टम से होगी वाहनों की पहचान
इन ड्रोन में ANPR (ऑटो नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) सिस्टम की सुविधा भी होगी। इससे सड़क पर चल रहे वाहनों की नंबर प्लेट को आसानी से पहचाना जा सकेगा। चोरी की गाड़ियां, अपराध में इस्तेमाल हो रहे वाहन या संदिग्ध वाहनों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। ड्रोन की खरीद केंद्र सरकार की ASUMP योजना के तहत की जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होगी।
थानों की CCTV से होगी सीधी निगरानी
बिहार पुलिस को हाईटेक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के सभी थानों में लगे CCTV कैमरों की सीधी सर्विलांस व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए थानों में अत्याधुनिक कैमरे और डैशबोर्ड लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत 112 करोड़ 46 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे थानों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जा सकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
स्मार्ट पुलिसिंग पर 384 करोड़ रुपये खर्च
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े उपकरणों, नए थाना भवनों और पुलिसकर्मियों के आवास निर्माण पर भी सरकार का विशेष फोकस है। इन सभी मदों में कुल 384 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में 11 नए थाना भवन बनाए जाएंगे। वहीं, पटना के लोदीपुर में STF का मुख्यालय भवन, बैरक और अनुमंडल स्तर के कार्यालयों का निर्माण भी किया जा रहा है।
मार्च तक शुरू होंगे 7 नए FSL
राज्य में फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए मार्च तक 7 नए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) शुरू किए जाने की योजना है। फिलहाल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में FSL कार्यरत हैं। इसके अलावा 34 मोबाइल FSL यूनिट पहले से सक्रिय हैं। नए आपराधिक कानूनों के तहत फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका बढ़ने के कारण FSL का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही राज्य में साइबर यूनिट भी शुरू कर दी गई है।
सचिवालय और सरकारी भवन भी होंगे निगरानी में
पटना के सभी सचिवालय भवनों और जिला स्तरीय सरकारी कार्यालयों की भी CCTV के जरिए निगरानी की जाएगी। प्रमुख स्थानों पर डैशबोर्ड लगाए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 23 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, हाईटेक ड्रोन, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और स्मार्ट पुलिसिंग संसाधनों से बिहार पुलिस की ताकत और निगरानी क्षमता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होने वाली है, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।