ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar crime news : किराना दुकान से चोरी, एक बदमाश पकड़ा गया; दूसरा 72 हजार रुपये लेकर फरार Bhojpur road accident : आरा–सासाराम स्टेट हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक–हाइवा के बीच टक्कर; चालक की मौत Bihar Road Projects : मीठापुर से सिपारा तक एलिवेटेड रोड इस महीने होगा चालू, इतना काम है बाकी; तेज रफ्तार से भर्राटा भरेंगी गाड़ियां Birth certificate in Bihar : बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना हुआ आसान, अब सिर्फ इन डॉक्यूमेंट्स की पड़ेगी जरूरत; खो गया है प्रमाणपत्र तो भी नहीं लें टेंशन Land Grievance Redressal : भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम में आए 2600 आवेदन, भूमि शिकायतों पर सरकार करेगी त्वरित कार्रवाई; उपमुख्यमंत्री ने मोबाइल नोटिफिकेशन का वादा किया military special train fire : मिलिट्री स्पेशल ट्रेन के पर ट्रक बिजली के तार से टकराया, ट्रेनों का परिचालन ठप Gaya District Office : लापरवाह कर्मचारियों पर होगा एक्शन, म्यूटेशन-दाखिल खारिज और भूमि कब्जा के मामले को लेकर DM ने जारी किया आदेश Bihar news : BSF जवान से लव मैरिज के बाद पत्नी ने मानसिक प्रताड़ना से तंग होकर की आत्महत्या, दो बच्चे अब अनाथ NHAI bypass project : अब 19 KM का ग्रीनफील्ड फोरलेन: औरंगाबाद में 835 करोड़ के बाइपास का नया एलाइनमेंट, जानिए निर्माण कहां होगा? railway accident Bihar : बिहार में मालगाड़ी डिरेल, समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड पर टैंक वैगन पटरी से उतरा; जान-माल सुरक्षित

Bihar Police Headquarters : बिहार में पुलिस अंचलों का होगा नया सीमांकन, इंस्पेक्टरों का घटेगा बोझ; अनुसंधान और कांड निष्पादन भी होगा तेज

बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए पुलिस अंचलों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू हो गई है। इससे थाना स्तर पर लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी आएगी और अनुसंधान व पर्यवेक्षण व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।

Bihar Police Headquarters : बिहार में पुलिस अंचलों का होगा नया सीमांकन, इंस्पेक्टरों का घटेगा बोझ; अनुसंधान और कांड निष्पादन भी होगा तेज

04-Jan-2026 07:55 AM

By First Bihar

Bihar Police Headquarters : बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। राज्य में पुलिस अंचलों (Police Circles) के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर लंबित एवं निलंबित कांडों के निष्पादन में तेजी लाना, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना और बेहतर पर्यवेक्षण व्यवस्था विकसित करना है।


इस प्रस्ताव को लेकर पुलिस मुख्यालय स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है। बैठक के बाद सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन जिलों और क्षेत्रों में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन की आवश्यकता सबसे अधिक है और वहां किस प्रकार का ढांचा विकसित किया जाना चाहिए।


दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में बिहार में पुलिस व्यवस्था का विस्तार तेजी से हुआ है। राज्य में अब 2800 से अधिक पुलिस थाने कार्यरत हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस आउट पोस्ट को भी पूर्ण थाने का दर्जा दिया गया है। इस विस्तार का सीधा असर पुलिस अंचलों पर पड़ा है। एक पुलिस सर्किल के अंतर्गत आने वाले थानों और क्षेत्रों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे सर्किल इंस्पेक्टर पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है।


मौजूदा व्यवस्था में एक सर्किल इंस्पेक्टर को कई थानों की निगरानी करनी पड़ती है। इसके चलते न केवल निलंबित कांडों के निष्पादन में देरी हो रही है, बल्कि अनुसंधान की मॉनिटरिंग भी अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पा रही है। कई मामलों में समय पर पर्यवेक्षण नहीं होने के कारण केस कमजोर पड़ जाते हैं, जिसका असर न्यायिक प्रक्रिया और अपराध नियंत्रण दोनों पर पड़ता है।


पुलिस मुख्यालय का मानना है कि अंचलों के पुनर्गठन से सर्किल इंस्पेक्टर के अधीन थानों की संख्या को संतुलित किया जा सकेगा। इससे हर थाना और कांड पर बेहतर निगरानी संभव होगी। साथ ही, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होने से उनके निष्पादन में तेजी आएगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।


सूत्रों के अनुसार, पुनर्गठन के तहत कुछ बड़े और अत्यधिक व्यस्त पुलिस अंचलों को विभाजित किया जा सकता है। वहीं, कम कार्यभार वाले क्षेत्रों में नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक सर्किल इंस्पेक्टर के पास सीमित और प्रबंधनीय संख्या में थाने हों, ताकि वे प्रभावी ढंग से अनुसंधान पर्यवेक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा सकें।


पुलिस अंचलों के पुनर्गठन से फील्ड स्तर पर भी पुलिसिंग मजबूत होने की उम्मीद है। थानों पर दबाव कम होने से पुलिस अधिकारी अपराध की रोकथाम, गश्त और जनसंपर्क जैसे कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। इससे आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिहार पुलिस के लिए समय की मांग है। राज्य में बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुलिस संरचना में सुधार आवश्यक हो गया था। यदि यह पुनर्गठन सही योजना और संसाधनों के साथ लागू किया जाता है, तो इससे न केवल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी और मजबूत होगी।


फिलहाल सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय अंतिम प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगा। मंजूरी मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से पुलिस अंचलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिहार पुलिस की यह पहल राज्य की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देगी।