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Bihar registration : बिहार में जमीन-फ्लैट निबंधन दस्तावेजों को आसान बनाने की तैयारी, पेपरलेस प्रक्रिया और GIS मैपिंग के जरिए शुरू होगा यह काम

बिहार सरकार ने जमीन-फ्लैट निबंधन को आसान बनाने के लिए एक पेज की डीड, पेपरलेस प्रक्रिया और GIS मैपिंग लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे दस्तावेज़ समझने और सुरक्षित रखने में सुविधा होगी।

Bihar registration : बिहार में जमीन-फ्लैट निबंधन दस्तावेजों को आसान बनाने की तैयारी, पेपरलेस प्रक्रिया और GIS मैपिंग के जरिए शुरू होगा यह काम

18-Jan-2026 10:18 AM

By First Bihar

Bihar registration : बिहार सरकार जमीन-फ्लैट के निबंधन दस्तावेजों को सरल और आम जनता के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने निबंधन (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तेज और आसान बनाने के लिए “वन पेजर डाक्यूमेंट” यानी एक पेज की डीड देने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।


कई पन्नों की डीड की जगह एक पेज की डीड

फिलहाल जमीन, फ्लैट, प्लॉट आदि के निबंधन पर कई पन्नों की डीड दी जाती है, जो वर्षों से चली आ रही परंपरा है। इस वजह से आम लोगों को न केवल इसे समझने में दिक्कत होती है, बल्कि सुरक्षित रखना भी चुनौती बन जाता है। मोटी डीड को संभालना और उसे सुरक्षित रखना सामान्य नागरिकों के लिए कठिन होता है। ऐसे में विभाग ने इसे सरल बनाने की योजना बनाई है। अब प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार निबंधन के समय मुख्य डीड एक पेज की होगी। इसमें क्रेता-विक्रेता का नाम, संपत्ति का विवरण, निबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी और अन्य आवश्यक बिंदु एक ही पेज पर होंगे।


एनेक्सचर में अन्य जानकारी

एक पेज की डीड के साथ साथ एनेक्सचर (संलग्नक) देने पर भी विचार किया जा रहा है। इसमें निबंधन से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारी और दस्तावेज होंगे। यानी मुख्य डीड संक्षिप्त और स्पष्ट होगी, जबकि अन्य जानकारी एनेक्सचर में दी जाएगी।


पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया

सिर्फ डीड ही नहीं, बल्कि निबंधन से पहले की प्रक्रिया को भी पेपरलेस करने की तैयारी चल रही है। इसके लागू होने के बाद निबंधन कराने से पहले जो कागजी दस्तावेज जमा कराने होते हैं, वे सभी डिजिटल (सॉफ्ट कॉपी) में अपलोड किए जाएंगे। विभाग ने इसके लिए ट्रायल भी कर लिया है। इस व्यवस्था से लोगों को दस्तावेज जमा करने के लिए बार-बार कागजों की जरूरत नहीं होगी और समय की बचत भी होगी। साथ ही, निबंधन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और तेज होगी।


निबंधन के दिन मोबाइल पर डीड की कॉपी

राज्य में पिछले साल ही एक नई सुविधा शुरू की गई थी। निबंधन के दिन ही ग्राहकों को डीड की कॉपी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए SMS के माध्यम से निबंधन दस्तावेज डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है। अब इस सुविधा को और मजबूत करने की योजना है। वन पेजर डीड लागू होने के बाद ग्राहक को निबंधन के दिन ही एक पेज की डीड मोबाइल पर मिल जाएगी, जिससे दस्तावेज को संभालना और समझना और भी आसान हो जाएगा।


निबंधित प्लॉट की GIS मैपिंग भी जल्द

इसके साथ ही राज्य में निबंधित प्लॉटों की GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) मैपिंग भी लागू की जाएगी। इसके तहत निबंधन के समय प्लॉट के हिस्से की GIS मैपिंग की जाएगी। प्लॉट की अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) के साथ उसकी तस्वीर भी अपलोड करनी होगी, ताकि संपत्ति का सत्यापन किया जा सके। इसके लिए विभाग सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है और जल्द ही इसे लागू करने की योजना है।


क्या होगा बदलाव?

डीड का स्वरूप छोटा और स्पष्ट होगा – एक पेज में मुख्य जानकारी। निबंधन की पूर्व प्रक्रिया पेपरलेस – सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड। डीड की डिजिटल कॉपी तुरंत उपलब्ध – SMS/डाउनलोड सुविधा। GIS मैपिंग से सत्यापन – प्लॉट की लोकेशन और तस्वीर अपलोड।


इस बदलाव से आम लोगों को निबंधन की प्रक्रिया समझने में आसानी होगी, दस्तावेज सुरक्षित रखने में सुविधा होगी और भ्रष्टाचार-प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी। साथ ही, GIS मैपिंग से जमीन की असली पहचान और सत्यापन में मदद मिलेगी। सरकार के इस प्रस्ताव से निबंधन प्रक्रिया और अधिक आधुनिक, डिजिटल और जनता के अनुकूल बनने की उम्मीद है।