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15-Sep-2025 10:41 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में विदेश जाने की चाहत में हजारों श्रमिक फर्जी एजेंटों के जाल में फंस चुके हैं। राज्य के 10 हजार से ज्यादा पासपोर्ट आवेदनों को रद्द कर दिया गया है, क्योंकि पुलिस वेरिफिकेशन में इनकी फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह खुलासा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की जांच में हुआ, जहां पाया गया कि ज्यादातर आवेदन गलत कागजातों पर आधारित थे। इनमें से करीब आधे तत्काल पासपोर्ट के लिए थे जो श्रमिकों को विदेशी नौकरी का लालच देकर एजेंटों ने तैयार कराए थे। हर साल अरब देशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले बिहारी मजदूरों की यह मजबूरी ही ठगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है।
पुलिस जांच में पता चला कि एजेंट गैंग श्रमिकों को 'तुरंत विदेश जाओ, अच्छी नौकरी पाओ' का झांसा देकर फंसाते हैं। वे फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर आवेदन भरते हैं और प्रति व्यक्ति 20 से 50 हजार रुपये वसूलते हैं। कई बार श्रमिकों को खुद की जानकारी नहीं होती और वे बाद में फंस जाते हैं। पटना सहित कई जिलों में यह नेटवर्क सक्रिय है, जहां आवेदन प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाती थी, लेकिन वेरिफिकेशन स्टेज पर ही पकड़े गए। पासपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह आंकड़ा पिछले एक साल का है और अभी भी सैकड़ों संदिग्ध आवेदन लंबित हैं।
इस घोटाले से न सिर्फ श्रमिकों का पैसा डूब रहा है बल्कि विदेश पहुंचने पर भी उन्हें कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में वीडियो वायरल होते हैं, जहां फर्जी दस्तावेजों पर पकड़े गए मजदूरों की दुर्दशा दिखाई जाती है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने श्रमिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सलाह दी गई है कि केवल मान्यता प्राप्त एजेंटों से ही आवेदन कराएं, और गलत बहकावे में न आएं। अन्यथा भविष्य में गिरफ्तारी या निर्वासन जैसी सजा हो सकती है। विभाग ने जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, ताकि गरीब परिवारों के लोग ठगे न जाएं।
बिहार सरकार और केंद्र ने ऐसे फर्जीवाड़े रोकने के लिए सख्ती बरतने का फैसला लिया है। पुलिस अब एजेंट गैंग्स पर नजर रख रही है, और कई जिलों में छापेमारी की योजना है। यह मामला श्रमिकों की विदेश यात्रा को जटिल बना रहा है, लेकिन जागरूकता से ही इसे रोका जा सकता है। अगर आप भी पासपोर्ट बनवा रहे हैं तो आधिकारिक वेबसाइट से ही प्रक्रिया पूरी करें।