ब्रेकिंग न्यूज़

नेपाल चुनाव में बालेन शाह की शानदार जीत, भारत विरोधी केपी ओली शर्मा की हार बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल नीतीश कुमार की मीटिंग में गए पूर्व विधायक, पीछे से चोरों ने घर कर दिया साफ; कैश-गहने और जरूरी कागजात गायब बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार में करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़: इन्वेस्टमेंट के नाम पर 20 करोड़ ऐंठे, गिरोह का सरगना गिरफ्तार यहां बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी; जल्द शुरू होगा काम यहां बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी; जल्द शुरू होगा काम भारत भ्रमण पर निकले नीतीश कुमार: चारधाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों का करेंगे दर्शन

Bihar Land Survey: विशेष भूमि सर्वेक्षण में सिर्फ इन जमीनों की होगी मापी, सरकार का बड़ा फैसला

Bihar Land Survey: बिहार में विवादित जमीनों की मापी के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण में सिर्फ विवादित जमीनों की मापी की जाएगी। इसके लिए विभाग की तरह से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

10-Feb-2025 04:50 PM

By FIRST BIHAR

Bihar Land Survey: बिहार में विवादित जमीनों के सर्वे के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इश फैसले के मुताबिक विषेश भूमि सर्वेक्षण में सिर्फ बिहार की विवादित जमीनों की मापी कराई जाएगी। इसको लेकर जिलों में विशेष भूमि सर्वेक्षण के तहत स्वघोषणा पत्र प्राप्त किए जा रहे हैं। इसके बाद अंचल अमीन जमीन पर जाकर उसकी मापी करेंगे।


विवादित जमीनों की मापी का काम ईटीएस यानी इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन मशीन से किया जाएगा। स्पेशल लैंड सर्वे में विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए पहली बार इस मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुजफ्फऱपुर के बंदोबस्त पदाधिकारी फिरोज अख्तर ने बताया कि इस मशीन की आपूर्ति के लिए एजेंसी से करार किया जा चुका है। इस महीने के अंत तक मशीनों की आपूर्ति की जाएगी।


जमीनों की मापी में किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए एजेंसी से तकनीकी विशेषज्ञ के अलावा विभाग के कर्मी मौजूद रहेंगे। जिन इलाकों में मापी का काम हो होगा उन इलाकों में अंचल अमीन इसमें सहयोग करेंगे। पहले गांव की सीमा से 20 कड़ी छोड़कर मापी की जाती थी लेकिन इस मशीन से मापी होगी तो इसकी नौबत नहीं आएगी और इटीएस मशीन से जमीन की मापी सटीकता से होगी।


उन्होंने बताया कि इस तरह से मापी बोने के बाद भविष्य में विवाद उत्पन्न होने की समस्या समाप्त हो जाएगी। एरियल सर्वे कर मैप तैयार कर लिया गया है, जिसका सत्यापन इसी मशीन से किया जाएगा। मापी के बाद जो भी प्लॉट बनेगा उसका जीपीएस लोकेशन लेकर ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा ताकि रैयत अपने प्लॉट का सही लोकेशन देख सकें। विभाग के वेबसाइट पर हर जानकारी उपलब्ध रहेगी।