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29-Jul-2025 05:09 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के मामले में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा हैं। राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी अंचल से डॉग बाबू के नाम से निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया अब अब मोतिहारी में भी फर्जी तरीके से आवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। इस बार जो मामला सामने आया है कि उससे अधिकारी भी हैरान हैं। भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा की तस्वीर और अजीब नामों जैसे "सोनालिका ट्रैक्टर" का इस्तेमाल किया गया। जांच के बाद कोटवा थाने में मामला दर्ज किया गया है। वही मसौढ़ी अंचल से जारी ‘डॉग बाबू’ के नाम से निवास प्रमाण के मामले में पटना जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।
डॉगी मामले में एक अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दूसरे की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा सरकार की ओर जारी आदेश में पटना जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम को इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गये। पटना डीएम ने डॉग बाबू मामले की जांच की। पटना डीएम द्वारा अंचल मसौढ़ी में ‘‘डॉग बाबू’’ के नाम से निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जाने से संबंधित मामले की जाँच की गई। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक, पूर्वी के साथ प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, मसौढ़ी पहुँच कर इस मामले की जाँच की।
जाँच के समय जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पटना; अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी; भूमि सुधार उप समाहर्ता, मसौढ़ी एवं अन्य भी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा कि गलत साक्ष्य के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र निर्गत करने हेतु आवेदन दिया गया था। इस तरह का कार्य अनजाने में नहीं किया गया है, बल्कि जानबूझ कर किया गया है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की छवि को धूमिल करने के लिए जिन्होंने भी कुत्सित प्रयास किया है उनके विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जाँच विधिवत ढंग से चल रही है। हम लोग मामले की तह तक जाएंगे। जो भी दोषी होगा उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विदित हो कि अंचल मसौढ़ी में ‘‘डॉग बाबू’’ के नाम से निवास प्रमाण-पत्र निर्गत करने का मामला संज्ञान में आते ही अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी को प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट समर्पित करने का निदेश दिया गया था। इसमें पाया गया कि दिल्ली की एक महिला का आधार कार्ड संलग्न करते हुए आवासीय प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन दिया गया था। स्थानीय थाना में आवेदक, आईटी सहायक एवं प्रमाण-पत्र निर्गत करने वाले राजस्व अधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। राजस्व अधिकारी द्वारा गलत साक्ष्यों के आधार पर दिए गए आवेदन को बिना विस्तृत जाँच किए प्रमाण-पत्र निर्गत कर दिया गया था।
राजस्व अधिकारी को निलंबित करने की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की गई है। आईटी सहायक द्वारा बिना सम्यक जाँच के आरओ लॉगिन पर आवेदन स्वीकृति हेतु अग्रसारित किया गया था। आईटी सहायक को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। नियम के विरूद्ध शपथ-पत्र देकर तथा किसी अन्य व्यक्ति के पहचान पत्र का दुरूपयोग कर गलत साक्ष्य के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन देने वाले आवेदक के विरूद्ध अनुसंधान की जा रही है। ऐसे प्रकरण का अंजाम देने वाले लोगों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। वही डॉग बाबू के नाम से बने निवास प्रमाण-पत्र को रद्द कर दिया गया है।

