NEET student case : सम्राट चौधरी का अल्टीमेटम, कहा - राबड़ी देवी सबूत दें, मंत्री या उनका बेटा शामिल है तो 24 घंटे में भेजेंगे जेल Budget Session 2026 : मंगल पांडेय की जगह स्वास्थ्य विभाग के सवालों का जवाब दे रहे मंत्री बार-बार फंस गए! सवाल ढाका का जवाब बेलागंज का देने लगे; हंसने लगे पक्ष - विपक्ष के विधायक नीतीश मिश्रा के सवाल पर पानी-पानी हुए मंत्री ! प्रश्न- सीएचसी का मानक क्या है..? मंत्री का जवाब- अगले वित्तीय वर्ष में जो भी है वो पूरा कर लिया जाएगा, जवाब सुनकर विधानसभा में जमकर लगे ठहाके Bihar Budget Session 2026: तेजस्वी यादव पर बिहार सरकार के मंत्री का हमला, सदन में भाषण में लड़खड़ाने पर उठाए सवाल Bihar Budget Session 2026: तेजस्वी यादव पर बिहार सरकार के मंत्री का हमला, सदन में भाषण में लड़खड़ाने पर उठाए सवाल Budget Session : विधायकों के कैशलेस इलाज पर फंस गई सरकार ! कई BJP विधायकों ने उठाया गंभीर सवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिया यह जवाब Bihar Budget Session 2026: ‘उसी समय जांच करा लेनी चाहिए थी’, भाषण के दौरान तेजस्वी यादव के लड़खड़ाने पर बोले भाई वीरेंद्र Bihar Budget Session 2026: ‘उसी समय जांच करा लेनी चाहिए थी’, भाषण के दौरान तेजस्वी यादव के लड़खड़ाने पर बोले भाई वीरेंद्र Budget Session 2026 : स्वास्थ्य विभाग के सवालों का जवाब देने में बुरे फंसे प्रभारी मंत्री, सरकार पर उठा सवाल तो बचाव में खड़े हुए विजय चौधरी Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र चौथे दिन की कार्यवाही शुरू, दोपहर बाद 2026-27 के बजट पर चर्चा; जानिए आज का पूरा शेड्यूल
26-Feb-2025 05:56 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में आज मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. बीजेपी कोटे से 7 नये मंत्रियों ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली. इसके साथ ही करीब 20 साल पहले बिहार की सत्ता संभालने वाले नीतीश कुमार ने नया रिकार्ड बना लिया.
नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्रियों की सीट फुल
बीजेपी कोटे से आज संजय सरावगी, डॉ सुनील कुमार, जीवेश मिश्रा, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, विजय कुमार मंडल औऱ कृष्ण कुमार मंटू ने मंत्री पद की शपथ ली. बिहार सरकार में पहले से ही मुख्यमंत्री को लेकर 30 मंत्री थे. एक मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस्तीफा दिया और 7 नये मंत्रियों ने शपथ ली. लिहाजा बिहार में मंत्रियों की कुल संख्या 36 हो गयी.
संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक बिहार में इससे ज्यादा मंत्री नहीं हो सकते हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) के मुताबिक, किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या, विधानसभा के कुल सदस्यों के 15 प्रतिशत से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए. बिहार में विधानसा में कुल 243 सदस्य है. इसका 15 प्रतिशत 36.45 होता है. इसका अर्थ ये है कि बिहार में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री ही बन सकते हैं.
नीतीश कुमार के राज में पहली दफे ऐसा हुआ है कि मंत्रियों की सारी सीट फुल हो गयी है. उदाहरण के लिए हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी पिछली सरकार को ही देखें तो 2022 में बनी जेडीयू, आरजेडी औऱ कांग्रेस की सरकार में कुल 31 मंत्री थे. उससे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद जब बीजेपी और जेडीयू की सरकार बनी थी तब भी मंत्रिमंडल में सिर्फ 30 मंत्री ही थे.
मंत्रियों का पद खाली छोड़ना रणनीति का हिस्सा
दरअसल, नीतीश कुमार अपनी खास रणनीति के तहत ही मंत्रियों का पद खाली छोड़ते रहे हैं. मंत्री पद खाली रहने से विधायकों में ये उम्मीद रहती है कि उन्हें भी मंत्री बनाया जा सकता है. लिहाजा पार्टी को उनके विद्रोह की आशंका कम सताती है. नाराज विधायकों का मंत्री बनाने का लॉलीपॉप थमा कर शांत करने की रणनीति भी काम करती रही है.
वैसे, तो अब तक बीजेपी भी नीतीश कुमार की तरह ही मंत्रियों का कुछ पद खाली छोड़ती रही है. लेकिन अब केंद्र के साथ साथ बिहार की सत्ता पर काबिज बीजेपी को अब विधायकों के किसी विद्रोह की आशंका नहीं है. बीजेपी को अपनी मजबूती का अंदाजा है. वहीं, इसी साल चुनाव भी होने वाले हैं. लिहाजा विधायकों के विद्रोह की आशंका कम है. विधायकों को मंत्री बनने से ज्यादा चुनाव में टिकट मिलने और जीत हासिल करने की फिक्र सता रही है.
पहली दफे जेडीयू के इतने कम मंत्री
इस मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एक और नया रिकार्ड बना है. वैसे तो जेडीयू ने अपने हिस्से के विभाग नहीं छोड़े हैं. लेकिन उसके मंत्रियों की तादाद बीजेपी के मुकाबले काफी कम हो गये हैं. मौजूदा मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार समेत जेडीयू के सिर्फ 13 मंत्री हैं. वहीं, बीजेपी के मंत्रियों की संख्या 21 हो गयी है. इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह और हम के संतोष कुमार सुमन भी मंत्री हैं.
लेकिन ऐसा पहली दफे हुआ है कि नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में किसी दूसरी पार्टी के मंत्री की तादाद जेडीयू के मंत्रियों की संख्या की तुलना में डेढ़ गुणा से भी ज्यादा हो गया है. मंत्रिमंडल में जेडीयू के सिर्फ 13 मंत्री हैं तो बीजेपी के 21. अगर निर्दलीय सुमित सिंह भी जेडीयू कोटे में जोड़ लिया जाये तो भी बीजेपी के मंत्रियों की संख्या जेडीयू की तुलना में डेढ़ गुणा है.