Patna NEET student death case : पटना छात्रा मौत केस में नया खुलासा, अब इस एंगल से शुरू होगी CBI की जांच; गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना Bihar Governor : जानिए भारत में किन-किन सैन्य अधिकारियों को बनाया गया राज्यपाल, बिहार में सैयद अता हसनैन नया नाम Bihar Governor : बिहार में पिछले 10 वर्षों में सात राज्यपाल बदले, औसतन डेढ़ से दो साल का रहा कार्यकाल; जानिए आजादी के बाद अबतक कितने गवर्नर BIHAR NEWS : केंद्र की राशि से बिहार को मिलेगी राहत ! अभी भी नहीं कम होगी इन लोगों की मुश्किलें; बस इनको मिलेगी राहत Bihar Rajya Sabha Election : स्कॉर्पियो-इनोवा के मालिक हैं भाजपा अध्यक्ष, नितिन नवीन और शिवेश कुमार की संपत्ति का खुलासा; हलफनामे में दी पूरी जानकारी राज्यसभा चुनाव: संपत्ति के मामले में उम्मीदवारों के बीच बड़ा अंतर, नीतीश कुमार सबसे कम संपत्ति वाले नेताओं में शामिल Bihar weather: बिहार में ठंड लगभग खत्म, कई जिलों में तापमान 33°C के करीब; 10 मार्च को सीमांचल में बारिश के आसार Bihar Governor : बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, जानिए सैन्य अधिकारी से लेकर गवर्नर बनने तक का सफर बिहार को मिला नया राज्यपाल, सैयद अता हसनैन की नियुक्ति, आरिफ़ मोहम्मद ख़ान की छुट्टी राज्यपालों का बड़ा फेरबदल: नंद किशोर यादव नागालैंड के गवर्नर, सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल
12-Aug-2025 12:39 PM
By Viveka Nand
Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 16 अगस्त से 20 सितम्बर 2025 तक चलने वाले राजस्व महा-अभियान के दौरान उत्तराधिकार एवं बंटवारा आधारित नामांतरण को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसे लेकर सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा गया है.
मृत्य प्रमाण पत्र की प्रक्रिया बनाई गई सरल
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी जिला समाहर्ताओं को पत्र निर्गत किया है कि राजस्व महा–अभियान के सफल संचालन के लिए 10 अगस्त को पंचायत प्रतिनिधियों के संघों के साथ राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान, पटना में बैठक हुई थी। उस बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों के सलाह के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। बताया गया कि कई मामलों में रैयत या जमाबंदीदार की मृत्यु वर्षों पूर्व हो चुकी है। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में तत्काल प्रमाण पत्र बनवाना आसान नहीं है।
राजस्व महा–अभियान के दौरान ऐसे मामलों में उनके उत्तराधिकारी द्वारा सफेद कागज पर स्व-घोषणा पत्र देकर पंचायत के मुखिया अथवा सरपंच के हस्ताक्षर से अभिप्रमाणित कराए जाने पर उसे मान्य किया जाएगा। इसके अलावा यदि वंशावली में किसी सदस्य के नाम के साथ ‘मृत’ लिखा है, तो उसे भी प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
इस निर्णय से पुराने लंबित नामांतरण एवं बंटवारा मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। सभी जिलों के समाहर्ताओं को अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को इस आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया गया है।