पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान पटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान ‘गुंडों के दम पर चल रही TMC’, गिरिराज सिंह का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला हर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्ज हर्ष फायरिंग केस में बुरे फंसे जीतनराम मांझी के करीबी, HAM प्रवक्ता दानिश रिजवान के खिलाफ केस दर्ज अब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेश अब पहले से भी अधिक महंगी और लग्जरी गाड़ियों से घूमेंगे बिहार के मंत्री और अधिकारी, सरकार ने जारी किया आदेश ‘देश में दो ही खलनायक- पहला मुसलमान और दूसरा सवर्ण’, बृजभूषण शरण सिंह के बयान से गरमाई सियासत ‘देश में दो ही खलनायक- पहला मुसलमान और दूसरा सवर्ण’, बृजभूषण शरण सिंह के बयान से गरमाई सियासत चोरनिया कांड में बड़ा एक्शन: SHO समेत पूरी टीम सस्पेंड, लापरवाही बरतने पर SSP ने की कार्रवाई
03-Jul-2025 09:02 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार की राजधानी के पटना जंक्शन से अगवा किए गए दो वर्षीय मासूम सोनू कुमार को रेलवे पुलिस ने सीतामढ़ी जिले के खेरवा गांव से सकुशल बरामद कर लिया है। घटना 30 मई 2025 की है, जब सोनू को पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 10 पर स्थित टिकट काउंटर के पास से अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सोनू को अपहरण के बाद ₹2.70 लाख रुपये में बेचने की साजिश रची गई थी और उसे गांव के ही एक व्यक्ति को सौंप दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक अमृततेंदू शहर ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तुरंत कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर सीतामढ़ी के खेरवा गांव में छापेमारी की।
रेल एसपी ठाकुर ने बताया कि बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा, “यह एक सुनियोजित अपहरण था, जिसका उद्देश्य बच्चे की तस्करी करना था। समय रहते कार्रवाई कर हमने न केवल सोनू को बचाया, बल्कि दो अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है। शेष संदिग्धों की पहचान की जा रही है।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से है और यह गिरोह बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हो सकता है। इस एंगल से भी जांच जारी है। इस मामले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा उपायों और निगरानी की भी समीक्षा की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है, हालांकि रेलवे पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ा अपराध होने से रोक लिया। सोनू की सकुशल वापसी से उसके परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और यात्रियों को सजग रहने की चेतावनी भी दे दी है। रेलवे पुलिस की टीम ने बताया कि अब स्टेशन परिसर में CCTV निगरानी को और सुदृढ़ किया जाएगा और विशेष रूप से बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों के लिए सतर्कता अभियान चलाया जाएगा।