तिरहुत बांध नहर निर्माण में दर्दनाक हादसा: रोड रोलर की चपेट में आया मासूम, मौके पर मौत कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा रेस्टोरेंट के बिल में छुपा ‘गैस चार्ज’? अब नहीं चलेगी मनमानी, ऐसे करें तुरंत शिकायत ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक सिकरहना नदी में दर्दनाक हादसा: शौच के दौरान फिसलकर डूबा 12 वर्षीय बालक, 6 घंटे बाद मिला शव देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि आरा सिविल कोर्ट धमाका केस में बड़ा फैसला: सभी दोषी बरी, फांसी की सजा भी रद्द रामनवमी के मौके पर पटना के कई इलाकों से डाकबंगला पहुंचेगी भव्य शोभा यात्रा, मंच पर नजर आएंगे टीवी के भगवान राम बिहार में गांजा की बड़ी खेप बरामद, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर फरार; गाड़ी मालिक पर केस दर्ज
17-Dec-2025 09:43 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के खेल परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। राज्य में पहली बार तलवारबाजी के लिए ओलिंपिक स्तर का ट्रेनिंग सेंटर खोलने को केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने स्वीकृति दे दी है। यह सहमति राज्य की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के प्रस्ताव पर दी गई है। इस फैसले से बिहार के फेंसिंग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और ओलिंपिक पदक की दिशा में ठोस तैयारी का अवसर मिलेगा।
पटना में ओलिंपिक ट्रेनिंग सेंटर
प्रस्तावित सेंटर पटना में स्थापित किया जाएगा। यहां खिलाड़ियों को इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम, अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले सुरक्षा उपकरण और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेल विभाग का मानना है कि यह सुविधा बिहार के खिलाड़ियों को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगी। तलवारबाजी जैसे तकनीकी खेल में यह सेंटर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नई धार और तकनीकी विशेषज्ञता देगा।
केंद्रीय मंत्री से स्वीकृति और मिशन ओलिंपिक
मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री के सरकारी आवास पर हुई बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण, उप निदेशक हिमांशु सिंह और राज्य के खेल सलाहकारों के साथ यह प्रस्ताव रखा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे तुरंत स्वीकार किया। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने जनवरी में आयोजित होने वाले ‘खेल मंथन शिविर’ में बिहार की टीम को आमंत्रित किया है। इस शिविर में देशभर में ओलिंपिक ट्रेनिंग सेंटर खोलने और पदक जीतने की रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर बिहार की भागीदारी
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने अगले वर्ष मई में चीन के अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स एक्सपो में भाग लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया। इस एक्सपो में बिहार की टीम वैश्विक खेल तकनीक, प्रशिक्षण मॉडल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ने का अवसर पाएगी।
यूथ नेशनल गेम्स की मेजबानी बिहार में
खेल विभाग के अनुसार, वर्ष 2028 में बिहार को यूथ नेशनल गेम्स की मेजबानी का अवसर मिला है। भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने इसकी स्वीकृति दी है। यह आयोजन राज्य में खेल संस्कृति को नई पहचान देगा और युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
राज्य में खेलों का व्यापक विकास
ओलिंपिक ट्रेनिंग सेंटर और यूथ नेशनल गेम्स की मेजबानी के साथ, बिहार के खेल ढांचे में गहन सुधार, नए कोचिंग मॉडल और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सक्षम बनें। इसके साथ ही राज्य में खेलों को प्रोफेशनल अवसर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मंच भी मिलेगा। यह निर्णय बिहार के खेल इतिहास में मील का पत्थर माना जा रहा है और राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।