ब्रेकिंग न्यूज़

देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि आरा सिविल कोर्ट धमाका केस में बड़ा फैसला: सभी दोषी बरी, फांसी की सजा भी रद्द रामनवमी के मौके पर पटना के कई इलाकों से डाकबंगला पहुंचेगी भव्य शोभा यात्रा, मंच पर नजर आएंगे टीवी के भगवान राम बिहार में गांजा की बड़ी खेप बरामद, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर फरार; गाड़ी मालिक पर केस दर्ज पटना में रामनवमी की तैयारी पूरी, महावीर मंदिर की सुरक्षा ATS के हवाले Bihar News: घोटालेबाज अफसर को मिली सजा, अरबों की सरकारी राशि के खेल में थे शामिल, सृजन घोटाले में मिला यह दंड सुपरहिट फिल्म में दिखे, लेकिन खुद ही नहीं देख पाए ‘धुरंधर 2’… ऑटो ड्राइवर एक्टर की कहानी ने छू लिया दिल आरा-छपरा फोरलेन पर दर्दनाक हादसा, रिटायर बीसीसीएल कर्मी की मौत अब सोशल मीडिया चलाने से पहले देनी होगी पहचान? KYC को लेकर सरकार कर सकती है बड़ा फैसला, जानिए

Home / bihar / Bihar Land Scam: बिहार में गैरमजरूआ जमीन को रैयती बनाकर नामांतरण का खेल,...

Bihar Land Scam: बिहार में गैरमजरूआ जमीन को रैयती बनाकर नामांतरण का खेल, पूर्व CO समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

Bihar Land Scam: जमुई में गैरमजरूआ सरकारी जमीन को अवैध तरीके से रैयती बनाकर नामांतरण करने का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के बाद तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

06-Mar-2026 03:37 PM

By FIRST BIHAR

Bihar Land Scam: बिहार के जमुई जिले के झाझा अंचल में सरकारी गैरमजरूआ भूमि को अवैध तरीके से रैयती बनाकर नामांतरण करने का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी अमित कुमार रंजन और दो राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।


जानकारी के अनुसार, झाझा अंचल में अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को दरकिनार कर गैरमजरूआ सरकारी जमीन को रैयती भूमि के रूप में बदलकर उसका नामांतरण कर दिया गया। जब सरकार ने अपनी जमीनों की खोज शुरू की, तब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ। जांच में तत्कालीन अंचलाधिकारी अमित कुमार रंजन के साथ राजस्व कर्मचारी सह राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार और रामानंद दास की भूमिका सामने आई।


बताया जा रहा है कि नगर परिषद समेत प्रखंड के कई हल्कों की कई एकड़ जमीन का नामांतरण कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिन खाता और खेसरा की जमीन को पहले गैरमजरूआ बताते हुए नामांतरण के कई आवेदन खारिज कर दिए गए थे, उसी जमीन का बाद में अन्य लोगों के नाम नामांतरण कर दिया गया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एक संयुक्त जांच टीम गठित की। जांच में पूरे मामले की परतें खुलकर सामने आईं। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर वर्तमान अंचलाधिकारी निशा सिंह ने तत्कालीन अंचलाधिकारी और दोनों राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही प्रारंभिक जांच में सामने आए 92 गैरमजरूआ जमीन के नामांतरण को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


इस कार्रवाई के बाद अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस पूरे मामले के पीछे भू-माफिया का बड़ा हाथ हो सकता है। कई जमीनों का नामांतरण होने के बाद उनकी खरीद-बिक्री भी कर दी गई है, जिससे कई खरीदारों की चिंता बढ़ गई है।


विशेष रूप से नगर परिषद क्षेत्र के नावाडीह मौजा में दो दर्जन से अधिक लोगों ने गैरमजरूआ जमीन का नामांतरण करा लिया है। अंचलाधिकारी ने बताया कि जिला दंडाधिकारी-सह-समाहर्ता के निर्देश पर 27 फरवरी को अंचल कार्यालय के निरीक्षण के लिए एक जांच समिति गठित की गई थी।


जांच में सामने आया कि तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सह झाझा के प्रभारी राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार और रामानंद दास तथा तत्कालीन अंचलाधिकारी अमित कुमार रंजन ने पहले कुछ नामांतरण वादों को यह कहकर अस्वीकार कर दिया था कि संबंधित खाता और खेसरा गैरमजरूआ भूमि है। बाद में उसी जमीन का अन्य लोगों के नाम नामांतरण स्वीकृत कर दिया गया।


जांच समिति ने इसे सरकारी कर्तव्य के उल्लंघन और ईमानदारी के खिलाफ माना और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की। इसी आधार पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। झाझा थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी के आवेदन पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।