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01-Nov-2025 11:08 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की सख्ती जारी है। अब शुक्रवार को नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र में साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कनीय अभियंता नीतीश कुमार और लाइनमैन देवेंद्र कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह कार्रवाई मुर्गियाचक गांव निवासी शिकायतकर्ता आशीष रंजन के विद्युत कनेक्शन के मामले से जुड़ी है, जहां इंजीनियर ने काम के बदले घूस की मांग कर दी थी। ब्यूरो ने शिकायत की जांच के बाद तत्काल छापेमारी की और अब दोनों आरोपियों को पटना की विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।
इस मामले में शिकायतकर्ता आशीष रंजन ने बताया है कि उन्होंने इस्लामपुर के SBPDCL कार्यालय में नया विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। लेकिन कनीय अभियंता नीतीश कुमार ने काम शुरू करने और कनेक्शन चालू करने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग कर दी। आशीष ने जब इनकार किया तो काम अटक गया। इसकी शिकायत ब्यूरो में दर्ज कराने पर प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए।
जिसके बाद ब्यूरो पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित धावादल ने गौरव नगर में छापा मारा। वहां रिश्वत की रकम लेते ही दोनों को पकड़ लिया गया। रिश्वत के नोटों पर लगे केमिकल मार्कर की वजह से तुरंत दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। ज्ञात हो कि बिहार के विभिन्न जिलों में बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वतखोरी की कई शिकायतें पहले भी सामने आई हैं।
2022 में भी नालंदा में एक जूनियर इंजीनियर को 12 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा गया था और हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के BCM को 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। बिहार में इस साल निगरानी विभाग ने अब तक 50 से अधिक मामलों में कार्रवाई की है
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