ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाब बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाब अतिक्रमण मुक्त होंगी बेतिया राज की जमीनें, 250 से अधिक मकानों पर जल्द चलेगा बुलडोजर अतिक्रमण मुक्त होंगी बेतिया राज की जमीनें, 250 से अधिक मकानों पर जल्द चलेगा बुलडोजर पटना में बच्ची के साथ गंदा काम: पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा अगर आपके पास भी है आयुष्मान कार्ड, तो जान लें ये जरूरी बात…शहर के किस अस्पताल में मिलेगा मुफ्त इलाज, ऐसे करें तुरंत चेक बिहार के इन 8 स्टेशनों पर टिकट बुकिंग एजेंट की होगी नियुक्ति, युवाओं के लिए गोल्डन चांस बिहार के इन 8 स्टेशनों पर टिकट बुकिंग एजेंट की होगी नियुक्ति, युवाओं के लिए गोल्डन चांस जमालपुर स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, विक्रमशिला एक्सप्रेस के आने से पहले पोर्टिको में गिरा शेड का छज्जा बिहार में विकास कार्यों में सुस्ती पर प्रधान सचिव ने अफसरों को हड़काया, कहा- काम में देरी करने वाले अव्वल दर्जे के चोर

Home / bihar / बिहार में शराबबंदी लागू करने में पुलिस नाकाम, खुद शराब की दुकानें बंद...

बिहार में शराबबंदी लागू करने में पुलिस नाकाम, खुद शराब की दुकानें बंद करवाने का ग्रामीणों ने उठाया बीड़ा

मुजफ्फरपुर के बलुआहा गांव में ग्रामीणों ने खुद शराब की दुकानों पर धावा बोलकर चुलाई शराब नष्ट की और दुकानें बंद कराईं। पुलिस प्रशासन की नाकामी उजागर।

11-Sep-2025 05:34 PM

By First Bihar

MUZAFFARPUR: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी को पुलिस प्रशासन भले ही सफल ना बना पाया हो, लेकिन अब समाज ने खुद शराबबंदी को सफल बनाने की कमान संभाल ली है। मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के जारंग पश्चिमी पंचायत के बलुआहा गांव में नज़ारा बिल्कुल अलग दिखा।


यहां पुलिस गांव-टोले में खुलेआम बिक रही चुलाई शराब की दुकानों को बंद कराने में नाकाम रही तब समाज के लोगों ने खुद सामने आकर शराबबंदी को सफल बनाने में लग गये। देसी शराब को नष्ट कर दुकान बंद करा दी। भाजपा नेता राज कुमार सहनी, ग्रामीण सुकन सहनी, विन्देश्वर सहनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पहले बैठक की फिर तय किया कि अब शराब माफियाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


गुरुवार की सुबह अभियान छेड़ते हुए ग्रामीणों ने सभी चिन्हित दुकानों पर धावा बोला। देसी शराब से भरे गैलन और बोतलें तोड़ दी और दुकानों को ज़बरन बंद करा दिया गया। राज कुमार सहनी ने कहा कि “जब सरकार और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, तब यह सब देखकर समाज के लोगों को खुद सामने आना पड़ा। यह लड़ाई बलुआहा से शुरू हुई है और बहुत जल्द पूरे गायघाट को शराब मुक्त बना एक मिसाल पेश की जायेगी।” 


इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की पोल खोलकर रख दी है। जिनके कंधों पर शराबबंदी लागू कराने की जिम्मेदारी है, वही अब अक्षम साबित हो रहे हैं। अब सवाल उठता है कि क्या सरकार की शराबबंदी महज़ कागज़ों पर है? क्या पुलिस की नाकामी को छुपाने के लिए समाज को सड़कों पर ही उतरना पड़ेगा? ग्रामीणों के इस अभियान की चर्चा प्रखंड क्षेत्र में जोरों पर है।

मुजफ्फरपुर से प्रभात की रिपोर्ट