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06-Apr-2026 08:11 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में पुलिस विभाग की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बावजूद जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के पीयर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अपर थानेदार (ASI) पर घूस लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीयर थाना क्षेत्र के नूनफारा गांव में दर्ज एक मामले में सीताराम नामक व्यक्ति को जेल भेजा गया था। इसी मामले में मदद करने के नाम पर शत्रुघ्न राम से रिश्वत की मांग की गई। आरोप है कि पीयर थाना के अपर थानेदार अभिनंदन कुमार, जो 2019 बैच के सब इंस्पेक्टर बताए जा रहे हैं, ने अपने एक कथित दलाल राम कुमार राय के माध्यम से 5000 रुपये की रिश्वत ली।
पीड़ित शत्रुघ्न राम का कहना है कि उसे लगातार पैसों के लिए दबाव में रखा जा रहा था। दलाल द्वारा बार-बार फोन कर पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उसने कर्ज लेकर पैसे का इंतजाम किया। हालांकि, उसने इस भ्रष्टाचार को उजागर करने का फैसला भी किया।
बताया जा रहा है कि जब शत्रुघ्न राम पैसे देने के लिए आरोपी अधिकारी के आवास पर पहुंचा, तब उसके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया। वायरल वीडियो में कथित तौर पर यह साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दलाल के जरिए रिश्वत का लेनदेन किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पूरे मामले में किसी के इशारे पर झूठा केस दर्ज कर कार्रवाई की गई थी, ताकि दबाव बनाकर पैसे की वसूली की जा सके। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पुलिसिया तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है।
गौरतलब है कि पीयर थाना पहले भी विवादों में रह चुका है। हाल ही में एक सरपंच के साथ मारपीट के मामले में यहां के थानेदार को निलंबित किया गया था। अब अपर थानेदार पर लगे इस नए आरोप ने थाना की छवि को और धूमिल कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना परिसर में दलालों का दबदबा बढ़ता जा रहा है और बिना ‘सुविधा शुल्क’ के आम लोगों का काम नहीं होता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांतेश कुमार मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुजफ्फरपुर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। एसएसपी ने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले की जांच के लिए एसएसपी ने राजेश सिंह प्रभाकर को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय डीएसपी के साथ मिलकर पूरे मामले की गहराई से जांच करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें। फिलहाल पुलिस विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिरकार सख्त नियमों और निगरानी के बावजूद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार क्यों खत्म नहीं हो पा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।