पटना में गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें; हेल्पलाइन नंबर जारी पटना में गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें; हेल्पलाइन नंबर जारी ‘बाबू… मेरे लिए जान दे सकते हो?’ गर्लफ्रेंड के सवाल पर युवक ने उठाया खौफनाक कदम BPSC teacher recruitment : सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति का रास्ता साफ, राज्यपाल कार्यालय ने जारी किया आदेश; इस वजह से लगी थी रोक Bihar News : पटना में गैस सिलेंडर की किल्लत से हंगामा, लोगों ने पटना-एम्स रोड किया जाम; पुलिस ने उग्र लोगों को करवाया शांत संकट के बीच ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की मिली अनुमति संकट के बीच ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की मिली अनुमति शादी के दो साल बाद भी दहेज के लिए महिला को उतारा मौत के घाट! विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हडकंप, घर पहुंचें परिजन तो... Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कार्यालयों में दलालों पर शिकंजा, सीधे केस दर्ज करने के आदेश, टोल-फ्री नंबर जारी Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कार्यालयों में दलालों पर शिकंजा, सीधे केस दर्ज करने के आदेश, टोल-फ्री नंबर जारी
17-Jan-2026 10:08 PM
By MANOJ KUMAR
MUZAFFARPUR: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कानून व्यवस्था और अनुशासन को लेकर पुलिस महकमा सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। इसी कड़ी में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय द्वारा एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मुजफ्फरपुर के नगर थानाध्यक्ष को उनके पद से हटाते हुए तत्काल प्रभाव से 'लाइन हाजिर' कर दिया गया है। उन पर कार्यों में घोर शिथिलता, मनमानी और वरीय अधिकारियों सहित माननीय न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है।
उच्च न्यायालय की नाराजगी पड़ी भारी
इस पूरी कार्रवाई की जड़ में भूमि विवाद से जुड़ा एक पुराना मामला है, जो माननीय उच्च न्यायालय में लंबित था। जानकारी के अनुसार, इस मामले में माननीय न्यायालय ने कुछ विशिष्ट निर्देश जारी किए थे, जिनका अनुपालन नगर थानाध्यक्ष द्वारा समय सीमा के भीतर किया जाना था। हालांकि, थानाध्यक्ष द्वारा इन आदेशों की अनदेखी की गई। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने अपनी स्पष्ट अप्रसन्नता जाहिर की। न्यायालय की इस तल्ख टिप्पणी को पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया और मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए।
जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01), मुजफ्फरपुर ने विस्तृत जांच की। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के आचरण को अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का परिचायक माना गया। रिपोर्ट के आधार पर तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) चंदन कुशवाहा के अनुमोदन के उपरांत, एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र, मुजफ्फरपुर वापस (लाइन हाजिर) बुलाने का पत्र जारी कर दिया।
पुलिस विभाग का कड़ा संदेश
मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग के भीतर एक स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि आम जनता के कार्यों में देरी, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और वरीय पदाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पुलिस प्रशासन की छवि को धूमिल करने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।