Bihar Teacher Vacancy : बिहार में 45 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, सीएम नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान; लालू -राबड़ी शासनकाल पर भी साधा निशाना पटना में गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें; हेल्पलाइन नंबर जारी पटना में गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें; हेल्पलाइन नंबर जारी ‘बाबू… मेरे लिए जान दे सकते हो?’ गर्लफ्रेंड के सवाल पर युवक ने उठाया खौफनाक कदम BPSC teacher recruitment : सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति का रास्ता साफ, राज्यपाल कार्यालय ने जारी किया आदेश; इस वजह से लगी थी रोक Bihar News : पटना में गैस सिलेंडर की किल्लत से हंगामा, लोगों ने पटना-एम्स रोड किया जाम; पुलिस ने उग्र लोगों को करवाया शांत संकट के बीच ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की मिली अनुमति संकट के बीच ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की मिली अनुमति शादी के दो साल बाद भी दहेज के लिए महिला को उतारा मौत के घाट! विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हडकंप, घर पहुंचें परिजन तो... Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कार्यालयों में दलालों पर शिकंजा, सीधे केस दर्ज करने के आदेश, टोल-फ्री नंबर जारी
09-Nov-2025 04:18 PM
By FIRST BIHAR
Train News: त्योहारी सीजन में रेलवे की देरी ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सहरसा जाने वाली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन (05558) 20-30 घंटे नहीं, बल्कि पूरे 67 घंटे की भयंकर देरी से रवाना हुई। इससे कई यात्रियों की टिकट की वैधता समाप्त हो गई, तो कुछ ऑफिस की छुट्टियों के हिसाब से परेशान हो गए।
नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम के अनुसार, यह ट्रेन 6 नवंबर की सुबह 7:55 बजे रवाना होनी थी, लेकिन लिंक रैक उपलब्ध न होने के कारण वेस्टर्न रेलवे को ट्रेन का री-शेड्यूल करना पड़ा। आधिकारिक रूप से इसे 65 घंटे 5 मिनट का नया शेड्यूल मिला, और ट्रेन 9 नवंबर की तड़के 2:49 बजे मुंबई से रवाना हो पाई। यानी जिस दिन यात्री ट्रेन में होने वाले थे, उस दिन तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी भी नहीं थी।
यह ट्रेन मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बरौनी होकर सहरसा तक जाती है। इतनी देरी के कारण अब ट्रेन के आगमन का अनुमान लगाना भी मुश्किल हो गया है। खबर लिखे जाने तक ट्रेन भुसावल के आसपास पहुंच रही थी, यानी गंतव्य तक का सफर अभी लंबा है। त्योहारी सीजन में यात्रियों ने महीनों पहले टिकट बुक की थी और परिवार व सामान के साथ स्टेशन पर पहुंचे, लेकिन ट्रेन गायब थी।
कई यात्रियों ने कहा, 67 घंटे लेट मतलब 3 दिन। इतने में तो हम घर पहुंचकर लौट भी आते। एक अन्य यात्री ने कहा, रेलवे ने फेस्टिवल स्पेशल तो चलाया, पर रैक का इंतजाम नहीं किया, ये कैसी प्लानिंग है? बता दें कि त्योहारों के मौसम में रेलवे हर साल अतिरिक्त ट्रेनें चलाती है ताकि प्रवासी बिहार और पूरब के यात्री घर समय पर पहुंच सकें।