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27-Aug-2025 11:35 AM
By First Bihar
Ragging: बिहार के मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) में रैगिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। 2024 बैच के सीनियर छात्रों द्वारा इस साल जूनियर छात्रों के साथ मारपीट, गाली-गलौच और मानसिक उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। छात्रों की शिकायत और चेहरा पहचान के आधार पर कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति ने जांच कर छह छात्रों को संस्थान से निलंबित किया है और छात्रावास खाली करने का आदेश दिया है।
इन निलंबित छात्रों में सिविल, आईटी, लेदर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल के एक-एक और कंप्यूटर साइंस से दो छात्र शामिल हैं। साथ ही, कालेज प्रशासन ने बायोमीट्रिक इंचार्ज को निर्देश दिया है कि इन सभी का बायोमीट्रिक आईडी तुरंत लंबित कर दिया जाए। चीफ वार्डन को भी निलंबित छात्रों को छात्रावास खाली कराने का आदेश देते हुए इस प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। उनका निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक अनुशासन और एंटी रैगिंग समिति का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता।
जानकारी के मुताबिक, सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों को देर रात मोबाइल कॉल करके कॉलेज के मैदान में बुलाया और लगभग चार बजे तक जबरन वहां बैठाया रखा। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच की गई, मारपीट की गई, सिगरेट पीने के लिए मजबूर किया गया और बाल भी खींचे गए। Juniors ने इस दौरान घटनाक्रम की कुछ धुंधली तस्वीरें भी लीं, जिसे बाद में शिक्षकों को बताया गया। Juniors की शिकायत पर कालेज प्रशासन ने लिखित आवेदन लेकर आरोपित छात्रों की पहचान कराई।
छात्रों ने बताया कि आरोपित सीनियर अक्सर मोबाइल कॉल करके Juniors को अलग-अलग जगहों जैसे एक्सचेंज गेट, फील्ड, चाय दुकान आदि पर बुलाकर रैगिंग करते थे। जांच में आरोपितों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड भी निकाले गए हैं, जिनमें Juniors को बार-बार फोन करने के कई प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा Juniors के अभिभावकों को भी नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है, जिसमें उन्हें समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
इससे पहले 18 अगस्त 2024 को भी कैंपस में Juniors को भोजपुरी के अश्लील गीत गाने के लिए मजबूर किया गया था। इनकार करने पर Juniors की टी-शर्ट सड़क पर उतरवा दी गई थी। इस घटना में छात्राओं को अश्लील कमेंट्स और धमकियां भी मिलीं। इसकी शिकायत यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल से की गई है, जिसमें दर्जनभर आरोपित छात्रों की पहचान हुई है और जांच अभी जारी है।
पिछले कुछ वर्षों में भी एमआइटी में रैगिंग की घटनाएं होती रही हैं। बीटेक और एमटेक छात्रों के बीच मारपीट, गाली-गलौच और उत्पीड़न के मामलों में कई छात्रों को आर्थिक दंड और संस्थान से निष्कासन का सामना करना पड़ा है। इस वर्ष अब तक तीन प्रमुख रैगिंग घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें पहली बार पीड़ित छात्रों ने आरोपितों की पहचान भी की है। इससे पहले अधिकांश घटनाएं कैंपस के बाहर हो रही थीं।
मुजफ्फरपुर एमआइटी की एक एमटेक छात्रा ने भी दो बीटेक छात्रों पर उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया है। छात्रा ने प्राचार्य से शिकायत करते हुए बताया कि आरोपित छात्रों ने आक्रामक व्यवहार किया और उन्हें मानसिक रूप से डरा-धमकाया। छात्रा ने यह भी कहा कि यह यूजीसी के एंटी रैगिंग नियमों का उल्लंघन है और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि एमटेक छात्र संस्था में सुरक्षित महसूस कर सकें।
एमआइटी प्रशासन ने मंगलवार को अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा है कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही Juniors की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे बिना भय के शिक्षा ग्रहण कर सकें।