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24-Aug-2025 10:28 AM
By First Bihar
Bihar News: मुजफ्फरपुर की राजकीय रेल पुलिस (GRP) अब अत्याधुनिक बॉडी वार्न कैमरों से लैस हो चुकी है। ये कैमरे ड्यूटी के दौरान हमेशा चालू रहेंगे, चाहे पुलिस ट्रेनों की एस्कॉर्टिंग कर रही हो, छापेमारी कर रही हो या प्लेटफॉर्म पर चेकिंग। इन कैमरों से ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर होने वाली हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, जिससे अपराधों पर लगाम लगाने और साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी। मुजफ्फरपुर रेल एसपी वीणा कुमारी ने 17 थानों के लिए 260 से अधिक कैमरे वितरित किए हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर जीआरपी थाने को 27 कैमरे मिले हैं।
ये बॉडी वार्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हैं। इनमें 128 जीबी तक की मेमोरी, नाइट विजन, वाटरप्रूफिंग और जीपीएस जैसी सुविधाएं हैं। ये 10 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में काम कर सकते हैं और 12 घंटे तक की रिकॉर्डिंग और बैकअप प्रदान करते हैं। रात में भी साफ रिकॉर्डिंग करने की क्षमता इन कैमरों को खास बनाती है। इनमें एक महीने तक डेटा स्टोर करने की सुविधा है और जरूरत न होने पर यह ऑटो-डिलीट हो जाता है। ये कैमरे मोबाइल की तरह काम करते हैं, जिससे पुलिस को डिजिटल साक्ष्य जुटाने में आसानी होगी।
इन कैमरों से न केवल अपराधियों की गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी, बल्कि पुलिस और यात्रियों के व्यवहार में भी पारदर्शिता आएगी। कोर्ट में सजा दिलाने के लिए ये रिकॉर्डिंग मजबूत सबूत का काम करेंगी। साथ ही अपराध रोकने और जांच में भी ये कैमरे कारगर साबित होंगे। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी 17 थानों के दो-दो अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। ये ट्रेनर अब अपने थानों में सिपाहियों और हवलदारों को कैमरों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग देंगे। बिहार की जिला पुलिस को पहले से ही ये कैमरे मिल चुके हैं और अब जीआरपी भी इस तकनीक से लैस हो रही है।
ये बॉडी वार्न कैमरे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा को और मजबूत करेंगे। जीपीएस की मदद से पुलिस की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी, जिससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। ये कैमरे न केवल अपराधियों पर नजर रखेंगे, बल्कि पुलिस की कार्यशैली को भी पारदर्शी बनाएंगे। इससे यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। मुजफ्फरपुर जीआरपी के इस कदम से रेल यात्रा पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।