पटना में गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें; हेल्पलाइन नंबर जारी पटना में गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें; हेल्पलाइन नंबर जारी ‘बाबू… मेरे लिए जान दे सकते हो?’ गर्लफ्रेंड के सवाल पर युवक ने उठाया खौफनाक कदम BPSC teacher recruitment : सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति का रास्ता साफ, राज्यपाल कार्यालय ने जारी किया आदेश; इस वजह से लगी थी रोक Bihar News : पटना में गैस सिलेंडर की किल्लत से हंगामा, लोगों ने पटना-एम्स रोड किया जाम; पुलिस ने उग्र लोगों को करवाया शांत संकट के बीच ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की मिली अनुमति संकट के बीच ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की मिली अनुमति शादी के दो साल बाद भी दहेज के लिए महिला को उतारा मौत के घाट! विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हडकंप, घर पहुंचें परिजन तो... Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कार्यालयों में दलालों पर शिकंजा, सीधे केस दर्ज करने के आदेश, टोल-फ्री नंबर जारी Bihar Bhumi: बिहार के राजस्व कार्यालयों में दलालों पर शिकंजा, सीधे केस दर्ज करने के आदेश, टोल-फ्री नंबर जारी
15-Nov-2025 07:43 PM
By MANOJ KUMAR
Bihar News: मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड के खंगूरा डीह पंचायत, वार्ड संख्या 10 में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां पति-पत्नी की मौत ने पूरे गांव को गम में डूबो दिया है। महज कुछ ही घंटे के अंतराल पर दोनों की सांसें थम गईं और गांव में चर्चा है कि उन्होंने सच अर्थों में “साथ जीने और साथ मरने” का वादा पूरा कर दिया।
गांव के 81 वर्षीय सम्मानित बुजुर्ग महेंद्र शर्मा की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही मिनटों में उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि परिवार कुछ समझ पाता उससे पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ले ली। उनके निधन की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव के लोग भी दौड़े चले आए।
सबसे ज्यादा सदमे में उनकी पत्नी सुकुमारी देवी थीं। वे पति के शव के पास लगातार बेहोश हो रही थीं। परिजन उन्हें संभालने और पानी पिलाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके भीतर उठ रहे दुख के तूफान को कोई समझ नहीं पा रहा था। करीब दो घंटे बाद उन्होंने गहरी सांस ली और देखते ही देखते उनकी भी मौत हो गई। यह दृश्य देखकर गांव वाले स्तब्ध रह गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों एक-दूसरे के लिए जीवन थे। कई बुजुर्गों ने इसे कुदरत का करिश्मा बताया। पूरे गांव की मौजूदगी में पति-पत्नी की अंतिम यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ दोनों की चिताएं एक साथ उठीं ठीक वैसे ही, जैसे शादी के समय उनके घर में शहनाइयाँ बजी थीं। महिलाओं की सिसकियाँ थम नहीं रही थीं और गांव भर में इस घटना की चर्चा हो रही है। लोग इसे प्रेम की अनोखी मिसाल बता रहे हैं।

