Bihar Land News : बिहार में इन दिनों जमीन सर्वे का काम जारी है। राज्य के अंदर इसको लेकर विभाग के कुछ न कुछ आदेश सप्ताह दर सप्ताह जारी किए जाते हैं। लेकिन, अब हम आपको एक ऐसी खबर बताएंगे कि उसे जानकार आप भी कहेंगे की अब भूमि एवं राजस्व विभाग अब अपना ट्रैक रिकॉर्ड बदलने में लगी हुई है। आइए जानते हैं कि पूरी खबर क्या है ?
जानकारी के मुताबिक, बिहार में अब दाखिल-खारिज के मामले लटकाने वाले अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारियों (RO ) को अब आर्थिक रूप से भी दंडित किया जा रहा है। इसका एक उदाहरण मुज़फ्फरपूर से सामने आया है। यहां एक CO और RO को दंडित किया गया है। इसके बाद इस खबर को लेकर विभाग में हड़कंप का माहौल कायम हो गया है।
बताया जा रहा है कि, डीएम सुब्रत कुमार सेन के आदेश पर एसडीओ पूर्वी अमित कुमार ने मीनापुर के अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी पर क्रमश: तीस हजार और बीस हजार रुपये का दंड अधिरोपित किया है। तीन दिनों में दोनों अधिकारियों को दंड की राशि कोषागार में जमा करनी होगी। दंड जमा करने तक वेतन बंद किए जाने का भी आदेश दिया गया है।
मालूम हो कि, आमलोगों को समय से योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए डीएम लगातार मानीटरिंग करते हैं। इस क्रम में वह 17 अप्रैल को मीनापुर अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया था।डीएम ने पाया कि 1430 दाखिल-खारिज के मामले निष्पादन के लिए लंबित थे। इसपर नाराजगी जताई थी। इसके अलावा भी कई मामलों में गड़बड़ी पर सीओ और राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था। उसके बाद अब यह एक्शन लिया गया है।
आपको बताते चलें कि, डीएम के आदेश पर एसडीओ पूर्वी ने इसकी समीक्षा की। इसमें पाया गया कि मीनापुर अंचल में दाखिल खारिज के ढाई सौ ऐसे वाद पाए गए जिसका निष्पादन 60 दिनों के बाद तक नहीं किया गया था। इसे देखते हुए अंचलाधिकारी को दो सौ मामलों को लेकर दंडित किया गया। प्रति मामले में डेढ़ सौ का जुर्माना लगाते हुए कुल 30 हजार रुपये का दंड लगाया गया।