मुजफ्फरपुर: मनीष राज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, कुख्यात कन्हाई ठाकुर समेत 6 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: अंजनी कुमार सिंह बने नगर थानाध्यक्ष, शरत कुमार को सदर की कमान दारोगा भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, महिला सिपाही समेत 4 हिरासत में बिहार में बढ़ते क्राइम के लिए BJP ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया, कहा..जब से तेजस्वी विदेश से लौटे हैं, तब से अपराध बढ़ गया है कटिहार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव कटिहार के न्यू मार्केट में भीषण चोरी, ज्वेलरी शॉप का शटर उखाड़ 30 लाख के गहने ले उड़े चोर डेढ़ लाख की सैलरी और सीएम ऑफिस तक काम करने का मौका, मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के लिए जल्द करें आवेदन, नीतीश सरकार की बड़ी योजना बेगूसराय में बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, युवक की मौत, जीजा की हालत गंभीर Bihar Bhumi: रैयतों के हित में सरकार का मेगा अभियान- दाखिल खारिज-परिमार्जन के 46 लाख आवेदनों का एक झटके में होगा निबटारा, राजस्व विभाग ने तय की तारीख, जानें... Bihar Top 10 News: नीट छात्रा कांड में अब तक पुलिस को सफलता नहीं, सारण में बनेगा नया एयरपोर्ट, पवन सिंह का वायरल वीडियो
29-Jul-2025 10:48 AM
By First Bihar
Bihar News: सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का वेतन समय पर जमा न कराने वाले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की लापरवाही अब गंभीर संकट का रूप ले रही है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना इंद्र कुमार कर्ण ने साफ किया है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को शिक्षकों के वेतन बिल समय पर जमा न करने पर 24 घंटे के भीतर जवाब देना अनिवार्य है।
जानकारी के मुताबिक, छह महीने के भीतर पांच बार चेतावनी के बावजूद अधिकांश प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बिल जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों का वेतन भुगतान बाधित हो गया है। इस विषय पर अपर मुख्य सचिव कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वेतन भुगतान समय पर करने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन प्रखंड स्तर पर यह लापरवाही जारी है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि मुशहरी और मोतीपुर प्रखंड के बिल समय पर प्राप्त हो गए हैं, लेकिन अन्य प्रखंडों की गंभीर अनदेखी ने शिक्षक हितों के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह स्थिति उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, मनमानी और शिक्षक हितों के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। इसी कारण से मुशहरी और मोतीपुर को छोड़कर अन्य सभी प्रखंडों का वेतन भुगतान रोकने का आदेश जारी कर दिया गया है। जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
वहीं, परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के तिरहुत प्रमंडल प्रभारी लखन लाल निषाद ने इस मुद्दे पर कहा कि केवल वेतन रोकने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका मानना है कि वेतन वृद्धि पर रोक लगने तक प्रखंड अधिकारी अपनी लापरवाही नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि वेतन भुगतान में देरी के कारण शिक्षकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
इस मामले ने शिक्षा विभाग में समुचित अनुशासन और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर किया है। शिक्षकों के वेतन भुगतान में देरी न केवल उनके जीवनयापन को प्रभावित करती है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर शिक्षक समुदाय का विश्वास बहाल करें।