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07-Jan-2026 09:53 AM
By First Bihar
Bihar Bridge Construction : मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड में कपसिया और खगड़िया जिले के सतीश नगर के बीच कोसी नदी पर 25.13 करोड़ रुपये की लागत से 500 मीटर लंबा पीपा पुल निर्माणाधीन है। यह पुल न केवल मधेपुरा, खगड़िया बल्कि भागलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी जीवनदायिनी साबित होगा। अनुमान है कि इस पुल से लगभग चार लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
इस पुल के निर्माण से आलमनगर का सीधा जुड़ाव राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (NH 31) से होगा। इसके साथ ही भागलपुर और खगड़िया के बीच की दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, आलमनगर के कपसिया से सतीश नगर का रास्ता पुल बनने के बाद केवल 10 किलोमीटर लंबा होगा। इससे स्थानीय लोगों को खगड़िया और भागलपुर सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंचने में समय और दूरी दोनों की बड़ी बचत होगी।
मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड की 12 पंचायत, खगड़िया जिले की चार पंचायत और भागलपुर जिले की 14 पंचायत के लोगों को सीधे फायदा होगा। आलमनगर के कपसिया गांव के अलावा मुरौत, सुखार, रतवारा, सोनामुखी, खपुर, कोदरा घाट, गंगापुर, बड़गांव और खगड़िया के बारुण, चोरली, दिघौन जैसे कोसी नदी के उत्तरी तट पर बसे क्षेत्रों के लोग भी इस पुल से लाभान्वित होंगे।
इस पुल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह इलाके की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक संपर्क को मजबूत करेगा। अब तक लोगों को नदी पार करने के लिए लंबा और समय-साध्य मार्ग तय करना पड़ता था। खासकर बारिश और बाढ़ के मौसम में कोसी नदी पार करना चुनौतीपूर्ण होता था। पीपा पुल के बनने से यह समस्या स्थायी रूप से हल होगी और क्षेत्रवासियों का जीवन आसान होगा।
बताया गया है कि पुल मधेपुरा जिले के कपसिया से शुरू होकर कोसी के दक्षिणी पार वीरवास, जमींदारी बांध और पहाड़पुर होते हुए सतीश नगर में NH 31 तक पहुंचेगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि कृषि उत्पादों और अन्य व्यावसायिक वस्तुओं का परिवहन भी तेज और सुरक्षित होगा।
इस पुल का निर्माण कार्य नवंबर में शुरू हुआ था और जनवरी के अंत तक इसे चालू करने की उम्मीद है। निर्माण कार्य में देरी होने का मुख्य कारण टेंडर प्रक्रिया में विलंब था। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले वर्ष प्रगति यात्रा के दौरान इस पुल के निर्माण की घोषणा की थी और उसी समय कैबिनेट में इसकी स्वीकृति भी दी गई थी। लंबे समय से स्थानीय लोगों की यह मांग थी कि क्षेत्र में एक स्थायी पुल का निर्माण हो।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता ने कई बार मुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय मंत्रियों से इस पुल के निर्माण की मांग की। उनकी लगातार कोशिशों के बाद निर्माण की अनुमति मिली और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू हुआ। पुल के निर्माण को लेकर इलाके के हजारों लोग उत्साहित हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और पथ निर्माण मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुल के बनने से न केवल क्षेत्र का यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार के लिए भी नई संभावनाएं पैदा होंगी। आलमनगर और उसके आसपास के गांवों के लोग अब आसानी से भागलपुर और खगड़िया शहर तक पहुँच सकेंगे, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुँच बढ़ेगी।
कुल मिलाकर यह पुल स्थानीय जनता के जीवन में बदलाव लाने वाला है। चार लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष लाभ मिलेगा। क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह परियोजना सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।