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18-Mar-2026 09:20 AM
By First Bihar
LPG News : देश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया है। अब बिना ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बढ़ी हुई हैं।
मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य एलपीजी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग फर्जी कनेक्शन लेकर या कई कनेक्शन का गलत इस्तेमाल कर सस्ती दरों पर मिलने वाले घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी कर रहे हैं। इससे असली जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पाती थी।
सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए देशव्यापी अभियान भी शुरू किया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, हाल के दिनों में 12,000 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान करीब 15,000 अवैध गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही, 2,500 से अधिक गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया है। इन कार्रवाइयों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, एलपीजी के घरेलू उत्पादन में करीब 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया गया है। इसके अलावा, विदेशों से भी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। हाल ही में ‘नंदा देवी’ नामक जहाज 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंचा। इससे पहले भी दो जहाजों के जरिए 92,712 टन एलपीजी देश में आ चुकी है। जल्द ही एक और टैंकर 80,800 टन कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचने वाला है।
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ‘पैनिक बुकिंग’ से बचें। कई लोग संभावित कमी की आशंका में जरूरत से पहले ही गैस सिलिंडर बुक कर रहे हैं, जिससे वितरण व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। मंत्रालय का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी तरह की कमी नहीं है।
ई-केवाईसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी गैस कंपनी—इंडेन, एचपी गैस या भारत गैस—का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में लॉगिन करने के बाद ई-केवाईसी विकल्प चुनकर आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापन किया जा सकता है। फेस ऑथेंटिकेशन के लिए ‘आधार फेस आरडी’ ऐप इंस्टॉल होना जरूरी है।
प्रक्रिया पूरी होते ही उपभोक्ता का गैस कनेक्शन तुरंत अपडेट हो जाता है और वे उसी ऐप के जरिए गैस सिलिंडर की बुकिंग भी कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर और समय पर सेवा मिल सकेगी।कुल मिलाकर, ई-केवाईसी अनिवार्य करने का यह फैसला एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।