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Budget 2026 : भारत में आयुर्वेद के लिए खुलेंगे तीन नए AIIMS,आयुष फार्मेसी सुधार और मेडिकल टूरिज्म के लिए नई पहल

भारत में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, आयुष फार्मेसी सुधार और टेस्टिंग लैब्स के निर्माण की योजना। स्वास्थ्य, योग और चिकित्सा पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।

01-Feb-2026 11:53 AM

By First Bihar

Budget 2026 : भारत सरकार ने स्वास्थ्य और आयुर्वेद क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी कदम उठाने की घोषणा की है। केंद्रीय योजनाओं के तहत देश में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली आयुर्वेदिक शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना है।


सरकार ने आयुष फार्मेसी को बेहतर बनाने और उच्च गुणवत्ता वाली टेस्टिंग लैब्स के निर्माण की भी योजना बनाई है। इसके तहत आयुर्वेदिक दवाओं की सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नेशनल टेस्टिंग लैब्स स्थापित की जाएंगी। जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर भी बनाया जाएगा, जो आयुर्वेदिक चिकित्सा के वैश्विक मानकों को लागू करने में मदद करेगा।


स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे। साथ ही, लगभग 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण देने की योजना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो।


भारत सरकार चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों की मदद से पांच नए चिकित्सा पर्यटन केंद्र स्थापित करेगी। इसके साथ ही, भारतीय योग को दुनियाभर में फैलाने और क्वालिटी आयुर्वेदिक उत्पादों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने की भी योजना है।


शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी सरकार ने कदम उठाए हैं। पूर्वी भारत में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना प्रस्तावित है, जबकि खगोल विज्ञान को प्रोत्साहित करने के लिए चार टेलिस्कोप इन्फ्रा फैसिलिटी बनाई जाएंगी। इससे युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।


आयुर्वेद और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ये प्रयास न केवल चिकित्सा और पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से भारत वैश्विक स्वास्थ्य और आयुर्वेद केंद्र के रूप में उभरेगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से देश में सशक्त स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार किया जाए और भारत को वैश्विक आयुर्वेदिक हब बनाया जाए।