ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR NEWS : 'अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो...', CM आवास के पास पहुंचे JDU कार्यकर्त्ता बोले ....कोई दो तीन लोग कैसे कुछ भी तय कर सकता है Bihar Politics : नीतीश दिल्ली गए तो बिहार में कैसे बदलेंगे पावर समीकरण? किसका क्या होगा रोल Bihar News : नीतीश कुमार के बेटे की राजनीति में एंट्री तय? कौन हैं बिहार के होने वाले डिप्टी सीएम निशांत Bihar Politics : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे, निशांत ज्वाइन करेंगे JDU; भाजपा से इनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज; थोड़ी देर में शुरू होगी बैठक Bihar News: राज्यसभा चुनाव नामांकन के बीच विधान परिषद की सीटों को लेकर भी चर्चा तेज, जानिए क्या है यहां का समीकरण Bihar politics : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर “होली का मजाक”! केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले - नीतीश जी मुख्यमंत्री हैं Nitish Kumar: नीतीश चले दिल्ली! बिहार में कुर्सी पर 'कमल', राज्यसभा रिजल्ट के बाद नई सरकार का गठन Nitish Kumar : नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर: निर्दलीय विधायक से 10 बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, अब राज्यसभा की तैयारी Bihar News: बिहार में कौन होगा BJP का मुख्यमंत्री? होली के बाद सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज Bihar News : विधानसभा में जाने पर मीडिया को रोका गया...नहीं मिलेगी इंट्री, 5 मार्च के लिए जारी हुआ आदेश

बिहार के स्वास्थ्य विभाग में फर्जीवाड़ा, 12 नर्सों की नियुक्ति निकली फर्जी... 4 साल से कर रही थीं नौकरी

बिहार के गोपालगंज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 12 जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) ने फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर चार साल तक नौकरी की। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली और जांच में नियुक्ति पत्र फर्ज

16-Feb-2025 09:13 AM

By First Bihar

बिहार के स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर पिछले चार साल से 12 जीएनएम (ग्रेजुएट नर्स मिडवाइफ) काम कर रही थीं. ये सभी गोपालगंज के सदर अस्पताल में ए ग्रेड नर्स के पद पर तैनात थीं. हालांकि, इनमें से एक कर्मी की सेवा अवधि के दौरान ही मौत हो चुकी है. इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग पटना को इस संदिग्ध नियुक्ति की शिकायत मिली. जांच में पता चला कि जिस नियुक्ति पत्र के आधार पर इन सभी नर्सों की बहाली हुई थी, वह पूरी तरह से फर्जी था. 



आरोप है कि 15 मार्च 2021 को स्वास्थ्य विभाग पटना के फर्जी पत्रांक 313(6) के आधार पर इन 12 स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति कर दी गई. मजे की बात यह है कि तीन साल तक यह मामला किसी के संज्ञान में नहीं आया और इनकी सेवा की पुष्टि भी हो गई. लेकिन जब इस संदिग्ध नियुक्ति की शिकायत निदेशक, प्रधान स्वास्थ्य सेवाएं तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए. जांच में पता चला कि जिस पत्र के आधार पर इन 12 नर्सों ने नौकरी पाई थी, वह पूरी तरह से फर्जी है।


मामला प्रकाश में आते ही गोपालगंज सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने स्थानीय थाने में 11 स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. बीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि सभी 11 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की आगे की जांच जारी है।


स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए गोपालगंज सदर अस्पताल में नौकरी पाने वाले 12 कर्मियों की सूची जारी कर दी है। इसमे राकेश कुमार (जहानाबाद), रणधीर कुमार, अर्जुन कुमार चौधरी (अनीसाबाद,पटना), दिग्विजय कुमार मांझी (रघुनाथपुर, सीवान), सुनील कुमार चौधरी (दानापुर,पटना), मिंटू कुमार चौधरी (खुदागंज,नालंदा), प्रियंका कुमारी (दनियावां,पटना), शोभा कुमारी (पीरी बाजार, लखीसराय), नीलम कुमारी (मेदनी चौकी), रजनीश कुमार (वेना,नालंदा), संजीव कुमार (मेदनी चौक, लखीसराय) और किरण कुमारी, जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई शामिल हैं।