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05-Jul-2025 03:43 PM
By First Bihar
Gopal Khemka Net Worth: बिहार की राजधानी पटना के नामचीन और सफल कारोबारी गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात ने न सिर्फ शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि व्यवसायिक जगत में भी शोक की लहर दौड़ा दी है। जानकारी के अनुसार, खेमका रात को क्लब से लौट रहे थे। जैसे ही वे अपने कंकड़बाग स्थित अपार्टमेंट के गेट के पास पहुंचे, घात लगाए बदमाशों ने उन्हें सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही वे वहीं गिर पड़े।
परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस को एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा मिला है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पुलिस ने कहा है कि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि, वारदात के लगभग डेढ़ घंटे बाद पुलिस के पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई।
दरअसल, गोपाल खेमका पटना के शीर्ष 10 व्यवसायियों में गिने जाते थे। वह मगध हॉस्पिटल के मालिक थे और पटना में उनकी कई फार्मेसी चेन भी संचालित होती थीं। इसके अलावा, हाजीपुर में उनकी दो गत्ते की फैक्ट्रियां, एक पेट्रोल पंप (एक्जीबिशन रोड पर), और हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में एक और फैक्ट्री मौजूद थी।
हालांकि उनकी कुल नेट वर्थ या संपत्ति का कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। उनकी गिनती उन कारोबारियों में होती थी जो हेल्थकेयर, पेट्रोलियम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सक्रिय और सफल थे।
फिलहाल हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है – व्यक्तिगत दुश्मनी, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा, या फिर संगठित अपराध। गोपाल खेमका न सिर्फ एक व्यवसायी थे, बल्कि समाजसेवा और दान-पुण्य से भी जुड़े रहते थे, जिससे उन्हें शहर में काफी प्रतिष्ठा प्राप्त थी।
पुलिस ने घटना के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही मौके पर मौजूद गार्ड व स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रशासन का दावा है कि अपराधियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। वहीं, व्यापारिक संगठनों और स्थानीय जनता ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से त्वरित न्याय की मांग की।
गोपाल खेमका की हत्या से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और कानून-व्यवस्था में कितनी बड़ी चूक हुई है। एक प्रतिष्ठित व्यवसायी की इस तरह से हत्या न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे व्यवसायिक समुदाय के लिए एक गहरी चोट है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस मामले को सुलझा पाती है और दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करती है।