NEET student case : शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत का रहस्य : शुरू हुई SIT की जांच तो IMA से पत्र लिखवा खुद को पाक-साफ़ बताने में जुटा प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल NEET student case : नीट छात्रा मौत मामले में मोबाइल खोलेगा राज, ज्यादा बातचीत वाले फोन नंबरों की जांच शुरू Tufcon TMT : Tufcon TMT द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय योगीटांड़ गिरिडीह में 220 कंबलों का वितरण, जरूरतमंदों को मिली ठंड से राहत Bihar liquor mafia : बिहार में शराब माफियाओं पर बड़ा एक्शन, 24 तस्करों पर कसेगा शिकंजा; सम्राट चौधरी के आदेश पर ऐक्शन Bihar weather update : बिहार में घना कोहरा, 19-20 जनवरी को येलो अलर्ट; तापमान में जल्द बढ़ोतरी से मिलेगी राहत क्या यही शराबबंदी है? शराब तस्करी के नये-नये हथकंडे अपना रहे धंधेबाज, डाक पार्सल वैन से 22 लाख की विदेशी वाइन बरामद बिहार में चोरों की करतूत: घर के सामने लगी स्कॉर्पियों को किया गायब, घटना की तस्वीर CCTV में कैद मुजफ्फरपुर नगर थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, लापरवाही और कोर्ट आदेश की अवहेलना पड़ी भारी लव मैरिज के चार महीने बाद पत्नी की हत्या, पति ने थाने जाकर किया सरेंडर गया के बाराचट्टी में दर्दनाक सड़क हादसा, कंटेनर की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत
19-Jun-2025 12:25 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में मानसून ने हाल ही में दस्तक दी है और इसके साथ ही कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। गया जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण गुरुवार सुबह फल्गु नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे मानपुर के फोर लेन पुल के नीचे रह रहे 12 खानाबदोश लोग पानी में फंस गए।
दरअसल, गुरुवार सुबह फल्गु नदी के पचंदेवधाम घाट के समीप स्थित नए फोर लेन पुल के नीचे तेज़ बहाव और जलस्तर बढ़ने के कारण वहां सो रहे खानाबदोश लोग अचानक पानी से घिर गए। तेज धार और लबालब नदी को देखकर वे घबराकर चिल्लाने लगे। मानपुर मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पड़ने वाले इस स्थान पर जब स्थानीय लोगों ने चीख-पुकार सुनी तो तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पास के तैराक युवकों को बुलाया। संतोष कुमार नामक युवक ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि कुछ लोग नदी में फंसे हैं, जिसके बाद वे तैराक साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों को तैरकर, तो कुछ को रस्सियों की मदद से पुल के ऊपर से खींचकर सुरक्षित निकाला गया।
कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर मौके पर पहुंची, और सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई। हालांकि, तीन बकरियां और खानाबदोश परिवारों के कुछ सामान तेज धार में बह गए। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाने वाले युवाओं की प्रशंसा की और जिला प्रशासन से बचाव में लगे युवकों को सम्मानित करने की मांग की है। कई लोगों ने बताया कि यदि समय पर मदद न पहुंचती, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
पानी में फंसे लोग बंजारन समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो झुंड में रहते हैं और रोज़मर्रा की जिंदगी गुज़ारने के लिए छोटा-मोटा सामान बेचते या मांगते हैं। आमतौर पर ये लोग पुल के नीचे या घाट किनारे अस्थायी ठिकाना बना लेते हैं और मौसम के अनुसार स्थान बदलते रहते हैं। बुधवार रात को भी बारिश और गर्मी से बचने के लिए इन्होंने पुल के नीचे ऊंचे स्थान पर डेरा डाला था, लेकिन भारी बारिश के कारण पानी अचानक बढ़ गया।
फल्गु नदी में आई इस बाढ़ को लेकर अब स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। संभावित खतरे को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वालों को अलर्ट किया गया है और तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आपदा की घड़ी में स्थानीय समुदाय और प्रशासन का तालमेल किस तरह जान बचा सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि नदी किनारे और पुलों के नीचे रह रहे खानाबदोश परिवारों के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।