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10-Jun-2021 07:30 AM
PATNA : कोरोना की दूसरी लहर ने देश को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। साल 2020 में आई पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर ने इस साल लोगों को बेहद परेशान किया है लेकिन अब तीसरी लहर से जुड़ी एक राहत वाली खबर सामने आ रही है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर जताई जा रही तमाम चिंताओं और आशंकाओं के बीच राहत भरी खबर है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी के विशेषज्ञों का कहना है कि देश में तीसरी लहर छोटी और कमजोर हो सकती है। विशेषज्ञ तीसरी लहर की मॉडलिंग कर रहे हैं और अगले सप्ताह इस पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेंगे। आईआईटी कानपुर के प्रो. मनिंदर अग्रवाल ने ट्वीट कर कहा कि ब्रिटेन में नई लहर को लेकर चिंताएं जाहिर की जा रही थीं। पर संक्रमण के रुझान से साफ है कि यह बड़ा आकार लेती हुई नहीं दिखी है। मॉडल संकेत कर रहे हैं कि आगे भी इसके ज्यादा बढ़ने के रुझान नहीं हैं।
शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि भारत में भी तीसरी लहर ज्यादा बड़ी नहीं होगी। यह देश में पहली व दूसरी लहर की तुलना में बहुत कमजोरहो सकती है। कहा कि लहरकब आएगी व वास्तव में इसका प्रभाव कितना रहेगा, इसका विश्लेषण किया जा रहा है।
आईआईटी के एक्सपर्ट का कहना है कि ब्रिटेन में चौथी लहर न आने की वजह टीकाकरण हो सकती है। भारत में टीकाकरण में तेजी आ रही है। इसका असर दिखेगा। संक्रमण तेजी से घट रहा है। इसके पूर्व के स्तर पर आने में एक माह लग सकता है। फरवरी में कोरोना के मामले नौ हजार रह गए थे।