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16-Mar-2026 02:26 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बीते फरवरी महीने में सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बॉर्डर के समीप अतिक्रमण हटाने और घुसपैठियों की पहचान करने के निर्देशों पर असर दिखने लगा है। किशनगंज जिला प्रशासन ने नेपाल सीमा से सटे नो मेंस लैंड पर अतिक्रमित जमीन को चिन्हित कर अतिक्रमण खाली करवा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने किशनगंज में आइबी, बीएसएफ, सेना और बिहार के गृह मंत्री समेत अधिकारियों के साथ बैठक कर नेपाल बॉर्डर पर अतिक्रमण की समीक्षा की थी। उन्होंने घुसपैठियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। खुफिया सूत्रों के अनुसार सीमांचल में घुसपैठ और शरण देने वाले नेटवर्क की विस्तृत रिपोर्ट भी केंद्रीय गृह मंत्री को प्रस्तुत की गई थी।
स्थलीय जांच में प्रशासनिक अधिकारियों और एसएसबी के अधिकारियों ने नेपाल बॉर्डर से सटे छह स्थानों पर अतिक्रमण पाया। कुल 20 परिवार ने नो मेंस लैंड पर घर बना लिए थे, जिनमें कुछ पक्के निर्माण और खेती-बाड़ी या चाय बगान भी शामिल थे। इन 20 घरों को हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया और खेत-बगान भी खाली करवा दिए गए।
घुसपैठियों की पहचान और अन्य जिलों के साथ साझा रणनीति बनाने के लिए पहल जारी है। किशनगंज सीमांचल वह जिला है, जहां नेपाल और बांग्लादेश की सीमाएं सटी हुई हैं। जिले में करीब 80 किलोमीटर नेपाल की सीमा है, जहां 36 बॉर्डर आउटपोस्ट और एसएसबी की तैनाती की गई है।
यह क्षेत्र सुरक्षा दृष्टि से अति संवेदनशील माना जाता है। डीएम विशाल राज के अनुसार, नो मेंस लैंड पर अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाया गया है और घुसपैठियों की पहचान के लिए रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।